राज्य सरकार की वजह से चली गयीं हजारों नौकरियां

हमला. वामपंथियों ने एनएच-60 पर उतर कर जताया प्रतिवाद
एसएससी में भ्रष्टाचार के चलते रद्द कर दी गयीं शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों की नौकरियां रानीगंज. वामपंथी दलों और उनके विभिन्न जन संगठनों ने शनिवार को नौकरियों में कटौती के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. उन्होंने राज्य के 25,000 शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की नौकरी समाप्त किए जाने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद की. शनिवार दोपहर को वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया), युवा संगठन डीवाईएफआई (डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया), अखिल भारतीय कृषक सभा और वामपंथी श्रमिक संगठनों के सदस्यों ने वामपंथी महिला संगठन के साथ मिलकर सियारसोल के राजबाड़ी चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग 60 को कुछ मिनटों के लिए अवरुद्ध कर दिया. इससे पहले, प्रदर्शनकारियों ने रानीगंज के राजबाड़ी चौराहे पर एक रैली निकाली.उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री से इन नौकरियों को रद्द करने की जिम्मेदारी लेने की मांग की.प्रदर्शनकारियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि स्कूल शिक्षकविहीन हो जाएं तो इसका सबसे अधिक असर आम परिवारों के विद्यार्थियों पर पड़ेगा. उन्होंने मांग की कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सभी योग्य शिक्षकों को तत्काल वापस लाया जाए. धरना को बस्ती विकास संगठन के जिला सचिव संजय प्रमाणिक, युवा नेता आकाश भट्टाचार्य, शिक्षक नेता शताब्दीश माझी, पूर्व शिक्षक नेता आशीष शर्मा, मैनाक मंडल और फल्गुनी चटर्जी आदि ने संबोधित किया.सभी वक्ताओं ने सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की और पात्र अभ्यर्थियों को तुरंत बहाल करने की मांग की.
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