आद्रा मंडल में ट्रेनों के रद्द होने और देरी से नाराज यात्री

Updated at : 11 Jun 2025 9:44 PM (IST)
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आद्रा मंडल में ट्रेनों के रद्द होने और देरी से नाराज यात्री

आद्रा मंडल के तहत आद्रा से आसनसोल, बांकुड़ा और पुरुलिया से चांडिल, मुरी, आसनसोल के बीच ट्रेनों के बार-बार रद्द होने और समय से कई घंटे देरी से चलने के कारण यात्रियों में रेल प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है.

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पुरुलिया.

आद्रा मंडल के तहत आद्रा से आसनसोल, बांकुड़ा और पुरुलिया से चांडिल, मुरी, आसनसोल के बीच ट्रेनों के बार-बार रद्द होने और समय से कई घंटे देरी से चलने के कारण यात्रियों में रेल प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है.

इस स्थिति को लेकर आद्रा डिवीजन पैसेंजर असिस्टेंट कमेटी ने कई बार रेल अधिकारियों को ज्ञापन देकर ट्रेनों को समय पर चलाने और अनावश्यक रद्द नहीं करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से संगठन ने तीव्र प्रतिवाद दर्ज कराया है.

यात्रियों को हो रही भारी असुविधा

संगठन के सदस्य जितेंद्र नाथ चटर्जी, स्वदेश प्रिय महतो और कौशिक सरकार ने बताया कि आद्रा मंडल के विभिन्न रेल मार्गों पर ट्रेनों का संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है. पुरुलिया–हावड़ा रूपसी बांग्ला एक्सप्रेस और पुरुलिया सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें अक्सर 6 से 7 घंटे विलंब से चल रही हैं. आसनसोल से आद्रा आने वाली कई पैसेंजर ट्रेनों को बीते तीन महीने से रद्द किया गया है. पुरुलिया, चांडिल, मुरी और बांकुड़ा के बीच भी 6 से अधिक पैसेंजर ट्रेनों को आए दिन रद्द किया जा रहा है. इस कारण दैनिक यात्री, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और व्यापारी वर्ग को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

रेल प्रशासन की दलील और संगठन की आपत्ति

इस विषय में आद्रा मंडल के रेल प्रबंधक सुमित नरूला ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे के कई जरूरी कार्य चल रहे हैं, जिनमें पटरी की मरम्मत, सिग्नल व्यवस्था और अंडरपास का निर्माण शामिल है. इन कारणों से कुछ ट्रेनों को रद्द या विलंबित करना पड़ रहा है.

हालांकि संगठन के नेताओं का कहना है कि पिछले डेढ़ वर्ष से यही तर्क देकर ट्रेनों का संचालन बाधित किया जा रहा है, जबकि मालगाड़ियों का परिचालन बेधड़क जारी है. उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही यात्रियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होगा. यात्रियों की ओर से भी अब यही सवाल उठ रहा है कि क्या रेल प्रशासन केवल माल ढुलाई को प्राथमिकता दे रहा है?

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