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एक एएसआइ और एक कांस्टेबल सस्पेंड, दो सिविक वॉलंटियरों को किया गया डिमोबिलाइज

Updated at : 12 Oct 2025 11:19 PM (IST)
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एक एएसआइ और एक कांस्टेबल सस्पेंड, दो सिविक वॉलंटियरों को किया गया डिमोबिलाइज

हंगामे के कारण एनएच-19 काफी देर तक अवरोध रहा. जिसे लेकर ऊपर तक शिकायत चली गयी और तुरंत एक्शन हो गया.

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शनिवार रात एनएच-19 रानीगंज थाना इलाके में मुर्गी लदे वाहनों से पैसा वसूली को लेकर पुलिस का हुआ था हंगामा आसनसोल/रानीगंज. मुर्गी लदे चार ट्रकों से पैसा वसूली के दौरान हंगामे ने पुलिस की रंगदारी को उजागर कर दिया गया. जिसके आरोप के रानीगंज थाना क्षेत्र के आमरासोटा पुलिस फांड़ी में तैनात एक सहायक अवर निरीक्षक और एक कांस्टेबल को सस्पेंड तथा दो सिविक वॉलेंटियरों को डिमोबिलाइज (बर्खास्त) कर दिया गया. हंगामे के कारण एनएच-19 काफी देर तक अवरोध रहा. जिसे लेकर ऊपर तक शिकायत चली गयी और तुरंत एक्शन हो गया. इस घटना ने पुलिस को सकते में डाल दिया है. गौरतलब है कि एनएच-19 पर डाउन लेन (धनबाद से कोलकाता) में शनिवार रात करीब 12 बजे रानीगंज थाना क्षेत्र के आमरासोटा पुलिस फांड़ी में तैनात सहायक अवर निरीक्षक पेट्रोलिंग ड्यूटी तैनात थे. इसी दौरान मुर्गी लदे चार ट्रकों को रोका. आरोप है कि सिविक वॉलेंटियरों ने ट्रक चालक से पैसे की मांग की. चालक ने पैसे नहीं दिये और ट्रकों को वहां से निकाल कर आगे बढ़ा दिया. सहायक अवर निरीक्षक ने बख्तारनगर इलाके में एनएच-19 पर तैनात पेट्रोलिंग टीम को इन चारों वाहनों को रोकने को कहा. बख्तारनगर में तैनात टीम ने वाहनों को रोक दिया. इतने में सहायक अवर निरीक्षक अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे और ट्रक चालकों से भिड़ गये. आरोप है कि ट्रकों में तोड़फोड़ की गयी. इससे बौखलाए ट्रक चालकों ने अपनी गाड़ियां सड़क के बीच लगाकर एनएच-19 जाम कर दिया. जिससे डाउन लेन में कुछ ही मिनटों में लंबा जाम लग गया. इससे हंगामा काफी बढ़ गया. सूचना आमरासोटा पुलिस फांड़ी प्रभारी को मिलते ही वह वहां पहुंचे और बातचीत करके जाम को हटाया. इतने देर में इस घटना की सूचना आला अधिकारियों तक पहुंच चुकी थी और तुरंत एक्शन हो गया. पैट्रोलिंग ड्यूटी टीम में मौजूद सहायक अवर निरीक्षक, कांस्टेबल को सस्पेंड तथा दो सिविक वॉलेंटियरों को डिमोबिलाइज कर दिया गया. ट्रक चालकों ने आरोप लगाया कि सड़क पर पुलिस की इतनी ज्यादा वसूली होती है, जिसका कोई हिसाब नहीं. यह वसूली का सारा पैसा आम जनता को ही भुगतान करना पड़ता है. सब्जी, मछली, मुर्गी, बिचाली की गाड़ियों पर तो पुलिस की गिद्ध की नजर रहती है. पैसा नहीं देकर जाने पर वे किसी हद तक जा सकते हैं. इससे पहले दुर्गापुर में भी इस तरह की घटना हो चुकी है. एक मछली गाड़ी पुलिस को पैसा नहीं देकर निकल गयी तो पुलिस की गाड़ी ने उसका पीछा किया और दुर्गापुर बाजार में उस गाड़ी को पकड़ा. चालक की बुरी तरह से पिटायी की. इस घटना को देखते ही लोगों को गुस्सा फूट पड़ा और पुलिस अधिकारी सहित पुलिस गाड़ी में मौजूद सभी की जमकर पिटायी की. पुलिस को बंधक बनाकर वाहनों से वसूले गये पैसे निकाले, जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था. किसी तरह पुलिस ने अपनी पूरी टीम को वहां से रेस्क्यू करके निकाला था. उस दौरान भी पुलिस की भारी फजीहत हुई थी. उसके बाद इस घटना ने पुलिस की गतिविधि को सवालों के घेरे में ला दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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