बरसी पर याद किये गये दिवंगत ज्योति बसु मेहनतकशों का संघर्षरत रहने का संकल्प

जननेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु की 17वीं पुण्यतिथि पर बांकुड़ा में रेलवे गुड्स शेड से जुड़े मुटिया-मजदूरों ने रैली निकाल कर सांप्रदायिक, तानाशाही व समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. ध्यान रहे कि ज्योति बसु का निधन 17 जनवरी 2010 को हुआ था.
बांकुड़ा.
जननेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु की 17वीं पुण्यतिथि पर बांकुड़ा में रेलवे गुड्स शेड से जुड़े मुटिया-मजदूरों ने रैली निकाल कर सांप्रदायिक, तानाशाही व समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. ध्यान रहे कि ज्योति बसु का निधन 17 जनवरी 2010 को हुआ था. उनकी पुण्यतिथि पर पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों के साथ बांकुड़ा में भी उन्हें याद किया गया.मुटिया-मजदूरों के संघर्ष में ज्योति बसु की भूमिका
मुटिया-मजदूर यूनियन नेताओं ने कहा कि भले ही ज्योति बसु को गुजरे डेढ़ दशक से अधिक समय हो गया हो, लेकिन मेहनतकश वर्ग पर उनका प्रभाव आज भी उतना ही गहरा है. उनका नाम आज भी मजदूरों में जोश और आत्मविश्वास भर देता है. लेफ्ट फ्रंट सरकार के गठन के बाद मजदूरों ने वेतन वृद्धि, बोनस, ओवरटाइम, त्योहारों में सवेतन छुट्टी और कार्यस्थल पर दुर्घटना की स्थिति में मुआवजे जैसी मांगों को मजबूती से हासिल किया, जो पहले संभव नहीं हो पाया था.
सांप्रदायिक राजनीति पर तीखा प्रहार
कार्यक्रम में वक्ताओं ने भाजपा और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ही दल ‘कॉम्पिटिटिव सांप्रदायिकता’ के जरिए समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. नेताओं ने दोहराया कि ज्योति बसु ने पहले ही चेताया था कि तृणमूल कांग्रेस का सबसे बड़ा अपराध बंगाल में भाजपा को बुलाना है. मजदूरों ने इसे राज्य के लिए बड़ा खतरा बताया.
शपथ और एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुटिया-मजदूरों को एकजुट रखने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की शपथ दिलायी गयी. यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रतीप मुखर्जी ने शपथ दिलायी. मौके पर जिला सचिव तपन दास, छोटू दलाल सहित अन्य यूनियन नेता और बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे.
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