जामुड़िया.
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (इसीएल) के कुनुस्तोड़िया क्षेत्र में ””विश्व हिंदी दिवस”” के उपलक्ष्य में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित हुआ. इस अवसर पर वक्ताओं ने हिंदी की वैश्विक स्वीकार्यता और प्रगति पर अपने विचार साझा किये. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण क्षेत्रीय हिंदी वॉल पोस्टर ””झांकी”” के नवीन अंक का विमोचन रहा.हिंदी की वैश्विक धमक
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री अनंत घोष ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में हिंदी की सीमाएं केवल भारत तक सीमित नहीं रह गई हैं. उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि हिंदी अब अंतरराष्ट्रीय पटल पर विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने और संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है.
वैश्विक भाषा बनने के पूर्ण गुण
क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रबंधक संदेश वडाड़े ने हिंदी के प्रशासनिक और व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा की सरलता और वैज्ञानिकता ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है.इसमें एक वैश्विक भाषा बनने के सभी आवश्यक गुण समाहित हैं, जो इसे अन्य भाषाओं से विशिष्ट बनाते हैं.
”झांकी” पोस्टर का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा कुनुस्तोड़िया क्षेत्र की विशेष प्रस्तुति, हिंदी वॉल पोस्टर ””झांकी”” के नवीनतम अंक का विमोचन किया गया. यह पोस्टर क्षेत्र के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हिंदी के प्रति जागरूकता और रचनात्मकता को बढ़ावा देने का एक अनूठा प्रयास है. इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना सहयोग देने का संकल्प लिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

