साइबर क्राइम- 88 लाख रुपये वापसी को लेकर अदालत का आदेश जारी, जल्द होगा बड़ा खुलासा
Published by :AMIT KUMAR
Published at :09 Dec 2025 9:49 PM (IST)
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आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) के इतिहास में 15.83 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी साइबर ठगी को लेकर विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया.
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आसनसोल/रानीगंज.
आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) के इतिहास में 15.83 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी साइबर ठगी को लेकर विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया. साइबर अपराध को लेकर पहली बार एडीपीसी में एसआइटी के गठन होने पर मामले के जांच अधिकारी काफी उत्साहित हैं. मामले में पूर्व मिदनापुर के पांसकुड़ा का निवासी अरूप नायक की गिरफ्तारी के बाद से एक के बाद एक गिरफ्तारी हो रही है. अरूप के एक कंपनी के खाते में यहां से लूटे हुए रुपयों में से दो लाख ट्रांसफर हुए थे. अरूप की निशानदेही पर असम के गुवाहाटी से पुलिस ने मोहम्मद वसीम और भास्कर घोष को गिरफ्तार किया. ये दोनों साइबर अपराधियों को विभिन्न लोगों का बैंक अकाउंट मुहैया कराते थे. पुलिस ने अबतक एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि बैंकों में फ्रीज करवा दी है. 88 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापसी के लिए अदालत से आदेश जारी हो गया है. जल्द ही पीड़ित के खाते में यह राशि वापस आ जायेगी. पुलिस अन्य राशि का भी पता लगाने का प्रयास कर रही. गिरफ्तार आरोपियों के निशानदेही पर आगे की कार्रवाई जारी है.गौरतलब है कि रानीगंज रामबागान, डॉक्टर्स कॉलोनी के निवासी डॉ अरुण कुमार को साइबर अपराधियों ने ट्रेडिंग में निवेश से भारी मुनाफा का लालच देकर अपने झांसे में लिया और 24 अक्तूबर से 25 नवंबर 2025 (एक महीने में) के बीच डॉ शर्मा ने 16,83,90,000 रुपये निवेश किया. एप्लिकेशन पर दिखाया गया कि निवेश की गयी राशि बढ़कर 200 करोड़ रुपये हो गयी है. जब वह राशि निकालने गये, तब उनसे 12.5 करोड़ रुपये अतिरिक्त डिपॉजिट करने की मांग की गयी. उन्हें समझ में आ गया कि वह साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं. जिसकी शिकायत उन्होंने 28 नवंबर को साइबर क्राइम थाने, आसनसोल में दर्ज करायी. इस मामले में इतनी बड़ी राशि की ठगी हुई, जिसे लेकर पुलिस भी हैरान है. आखिरकार इस मामले के लेकर एसआइटी का गठन किया गया. जांच काफी तेजी से आगे बढ़ रही है. पुलिस को कुछ सफलताएं भी मिली हैं. ठगी की राशि का एक बड़ा हिस्सा असम के विभिन्न लोगों के खातों में गया है. पुलिस ने कुछ रकम बैकों में फ्रीज करवा दिया है. जांच में जल्द बड़ा खुलासा होने की संभावना जतायी जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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