रानीगंज.
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (इसीएल) के सातग्राम-श्रीपुर एरिया के अधीन शिवडांगा मोड़ पर निजी भूमि पर कुएं के निर्माण को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गयी. इसीएल प्रबंधन ने सुरक्षा व तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए इस निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है.सुरक्षा कारणों से की गयी कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, एसएसआई (शिवडांगा) इनक्लाइन के पास एक निजी भूखंड पर कुएं की खुदाई की जा रही थी. जैसे ही इसकी सूचना प्रबंधन को मिली, इनक्लाइन प्रबंधक संतोष कुमार घोष के नेतृत्व में इसीएल की एक टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने कार्य स्थल का निरीक्षण करने के बाद खुदाई को बंद करवा दिया.
इनक्लाइन प्रबंधक ने सख्त लहजे में कहा, “यह कुआं बिना किसी पूर्व अनुमति के अवैध रूप से बनाया जा रहा था.सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस स्थल के ठीक नीचे खदान की कोयला परत मौजूद है. यदि खुदाई जारी रहती है, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है. जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए ही हमने यह कदम उठाया है.जमीन मालिक का विरोध : अपनी जमीन पर हक क्यों नहीं?
दूसरी ओर, जमीन मालिक नयन गोराई ने इसीएल की इस कार्रवाई पर अपनी नाराजगी जतायी. उनका तर्क है कि निर्माण उनकी अपनी रैयती जमीन पर हो रहा है नयन गोराई ने कहा, “यह मेरी अपनी जमीन है और मैं यहां भविष्य में घर बनाने की योजना बना रहा हूं घर की जरूरतों के लिए कुआं खोदना अनिवार्य है, लेकिन इसीएल प्रबंधन खदान का हवाला देकर हमारे निजी काम में बाधा डाल रहा है.प्रशासन की भूमिका पर टिकी नजर
फिलहाल, ईसीएल प्रबंधन सुरक्षा के प्रोटोकॉल को लेकर अडिग है, जबकि जमीन मालिक अपनी संपत्ति पर निर्माण के अधिकार की बात कर रहे हैं.इस विवाद के बाद क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म है अब देखना यह होगा कि इस टकराव का समाधान जिला प्रशासन और संबंधित विभाग किस प्रकार निकालते हैं, ताकि सुरक्षा और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन बना रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

