छतना–मुकुटमणिपुर रेल लाइन को शीघ्र शुरू करने की मांग हुई तेज

बांकुड़ा जिले में रेलवे सेवाओं के लगातार विस्तार के बीच छतना–मुकुटमणिपुर रेल लाइन परियोजना को शीघ्र क्रियान्वित करने की मांग तेज हो गयी है.
बांकुड़ा.
बांकुड़ा जिले में रेलवे सेवाओं के लगातार विस्तार के बीच छतना–मुकुटमणिपुर रेल लाइन परियोजना को शीघ्र क्रियान्वित करने की मांग तेज हो गयी है. जमीन अधिग्रहण और वित्तीय आवंटन के अभाव में यह परियोजना करीब दो दशकों से ठंडे बस्ते में पड़ी है. जिलेवासियों का कहना है कि हाल के महीनों में दो अहम रेल सेवाओं के विस्तार से उम्मीद जगी है कि इस बहुप्रतीक्षित लाइन पर भी काम शुरू हो सकता है.रेल सेवाओं के विस्तार से बढ़ी उम्मीद
उल्लेखनीय है कि बीते छह महीनों में बांकुड़ा जिले को दो बड़ी रेलवे सौगातें मिली हैं. 18 जनवरी 2026 को विष्णुपुर–तारकेश्वर रूट पर ट्रेन सेवा को मैनापुर से जयरामबाटी तक बढ़ाया गया, जिससे बांकुड़ा–मैनापुर ट्रेन अब जयरामबाटी तक चल रही है. इससे पहले 30 जून 2025 को बांकुड़ा–माशाग्राम रेलवे सेवा का विस्तार हावड़ा तक किया गया था. इस रूट पर पुरुलिया से हावड़ा तक लोकल ट्रेनें चलने लगी हैं. जिले के लोगों के अनुसार इन दोनों सेवाओं के विस्तार में विष्णुपुर के सांसद सौमित्र खान की भूमिका अहम रही है.
दो दशक से अटकी महत्वपूर्ण परियोजना
जिलेवासियों का कहना है कि छतना–मुकुटमणिपुर रेलवे लाइन बांकुड़ा, पुरुलिया और झाड़ग्राम के जंगलमहल इलाके की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है. यह परियोजना 2004 में रेल मंत्रालय ने मंजूर की थी. छतना से मुकुटमणिपुर तक 48 किलोमीटर लंबी इस लाइन के लिए सर्वे के बाद राज्य सरकार से करीब 800 एकड़ जमीन मांगी गयी थी. वर्ष 2009 में तत्कालीन वाम सरकार ने 517 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर रेलवे को सौंप दिया था. उसी दौरान प्रस्तावित वेदुआशोल स्टेशन का शिलान्यास भी हुआ था.सरकार बदलने के बाद रुका काम
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद इस परियोजना पर काम ठप हो गया. न तो शेष जमीन का अधिग्रहण हुआ और न ही आगे के लिए फंड जारी किया गया. परिणामस्वरूप रेलवे लाइन बिछाने का काम रुक गया. केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं, जबकि स्थानीय लोगों को यह स्पष्ट नहीं है कि परियोजना जमीन की समस्या से अटकी है या वित्तीय कारणों से.सांसद से पहल की उम्मीद, आंदोलन जारी
जिले के लोग चाहते हैं कि विष्णुपुर के सांसद सौमित्र खान इस अटकी परियोजना को फिर से शुरू कराने के लिए ठोस पहल करें. स्थानीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि सांसद ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं. दूसरी ओर, परियोजना को चालू कराने के लिए जमीनी स्तर से लेकर सोशल मीडिया तक आंदोलन लंबे समय से जारी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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