खटालों से बढ़ रहा गंगा का प्रदूषण

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हावड़ा : शिवपुर के शालीमार अंचल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. सैकड़ों झोपड़ियों के साथ यहां खटाल भी हैं. खटालों से गंगा का प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है. शालीमार अंचल में पोर्ट ट्रस्ट व रेलवे की जमीन है. दोनों की जमीन पर अवैध तरीके से यहां 500 से अधिक […]

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हावड़ा : शिवपुर के शालीमार अंचल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. सैकड़ों झोपड़ियों के साथ यहां खटाल भी हैं. खटालों से गंगा का प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है.
शालीमार अंचल में पोर्ट ट्रस्ट व रेलवे की जमीन है. दोनों की जमीन पर अवैध तरीके से यहां 500 से अधिक झोपड़ियां बनायी गयी हैं. निकासी व्यवस्था यहां नहीं होने के कारण खटाल की पूरी गंदगी सीधे गंगा में गिरती है, जिससे रोज गंगा मैली हो रही है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां रहनेवाले अधिकतर लोग असामाजिक कार्यो से जुड़े हैं. पास में ही शालीमार रेल यार्ड है. इसलिए यहां रेलवे का सामान चोरी करनेवालों का बसेरा है. स्थानीय एक युवक ने बताया कि शालीमार एक नंबर गेट के पास फेरी लाइन रेलवे क्वार्टर था.
बाद में रेलवे ने उसे तोड़ दिया, लेकिन अब उसी जगह पर कई झोपड़ियां बना दी गयी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि चूंकि यह जमीन केंद्र सरकार की है, इसी वजह से स्थानीय प्रशासन अवैध कब्जा हटाने के लिए सक्रिय नहीं है. स्थानीय एक व्यक्ति ने बताया कि अगर किसी दिन यहां आग लग जाती है, तो भयावह स्थिति हो सकती है.
यहां दमकल के पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं है. वार्ड नंबर 35 के भाजपा नेता राम कृष्ण उपाध्याय ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा निश्चित रूप से गलत है. यहां सैकड़ों नहीं, हजारों की संख्या में अवैध झोपड़ियां हैं और इस झोपड़ियों में आपराधी किस्म के लोग रहते हैं, ताकि उनकी गतिविधियों पर किसी की नजर नहीं पड़े.
इस इलाके में खटाल व सूअर की भरमार है. इसके चलते गंगा मैली हो रही है. अवैध खटाल हटाने के लिए निगम को कई बार ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागज पर ही होती है. वार्ड नंबर 35 के पार्षद विनय सिंह से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जमीन रेलवे व पोर्ट की है. निगम का यहां से कोई लेना-देना नहीं है.
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