Garhwa: कस्तूरबा विद्यालय में फूड प्वाइजनिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, DC ने वॉर्डन समेत 5 को किया बर्खास्त

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कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निरीक्षण करते गढ़वा डीसी

Garhwa: गढ़वा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में फूड प्वाइजनिंग मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वॉर्डन समेत 5 कर्मियों को बर्खास्त कर दिया है. मामले की जांच जारी है और छात्रों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

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Garhwa (खरौंधी): खरौंधी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शुक्रवार रात अचानक सैकड़ों छात्राओं के फूड प्वाइजनिंग (विषाक्त भोजन) के कारण बीमार होने के मामले को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है. घटना से आक्रोशित अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय परिसर में जमकर हंगामा किया. मामले की संवेदनशीलता और जांच कमेटी की मौखिक रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने घोर लापरवाही बरतने के आरोप में वॉर्डन समेत पांच कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया है. बर्खास्त किए गए कर्मियों में विद्यालय की वॉर्डन लक्ष्मी देवी, लेखापाल सोनम कुमारी, शिक्षिका अलका कुमारी, शिक्षिका कांति कुमारी और रसोइया कमला देवी शामिल हैं.

गुस्साए अभिभावकों ने तोड़ा मेन गेट

छात्राओं के बीमार होने की खबर मिलते ही सुबह बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंच गए. बच्चियों की आपबीती सुनकर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा. उग्र अभिभावकों ने छात्रावास प्रबंधन द्वारा छात्राओं को परोसी जा रही काली और जली हुई रोटियां मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों को दिखाईं. अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चियों को जानवर से भी बदतर खाना दिया जा रहा था. हंगामे के दौरान आक्रोशित लोगों ने विद्यालय का मुख्य द्वार (मेन गेट) भी तोड़ दिया. स्थिति को संभालने के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी.

छात्रावास में घोर लापरवाही की खुली पोल

हंगामे और गंभीर आरोपों के बीच उपायुक्त द्वारा गठित जांच कमेटी ने मामले की त्वरित जांच की. कमेटी की शुरुआती और मौखिक रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर माना कि छात्रावास प्रबंधन के स्तर से भारी लापरवाही बरती गई है. डीसी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसी कारण यह त्वरित और सख्त कार्रवाई की गई है.

घटना के वक्त विद्यालय में मौजूद नहीं थी वॉर्डन

जांच के दौरान उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने वॉर्डन लक्ष्मी देवी को कड़ी फटकार लगाई. डीसी ने उनसे पूछा कि वे किसके आदेश पर विद्यालय मुख्यालय छोड़कर छुट्टी पर गई थीं? इस सवाल का वॉर्डन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं.

छात्राओं ने बयां किया दर्द – साफ कराते थे शौचालय

जांच के दौरान पीड़ित छात्राओं ने उपायुक्त के सामने रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई. छात्राओं के आरोपों की सूची लंबी और चौंकाने वाली है.

  • घटिया भोजन और पाबंदी : छात्राओं को अक्सर अधपका और घटिया खाना दिया जाता था और जरूरत पड़ने पर पानी पीने से भी रोका जाता था.
  • मजदूरी और प्रताड़ना : छात्राओं से जबरन विद्यालय में झाड़ू-पोछा कराया जाता था और शौचालय तब साफ करवाया जाता था.
  • शिक्षिकाओं के कपड़े धोना : विद्यालय परिसर में रहने वाली शिक्षिकाएं छात्राओं से अपने नहाए हुए कपड़े धुलवाती थीं.
  • संवेदनहीनता की हद : छात्राओं ने आरोप लगाया कि पीरियड्स के दौरान सैनिटरी पैड मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया जाता था.
  • रसोइया का आतंक : रसोइया कमला देवी अक्सर छात्राओं को डराती-धमकाती थी और उनसे ही खाना पकवाती थी.

बीईईओ पर भी गिरेगी गाज, मांगा गया स्पष्टीकरण

मौके पर मौजूद अभिभावकों ने उपायुक्त को बताया कि प्रखंड शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा कभी भी विद्यालय का औचक निरीक्षण नहीं किया जाता है. अधिकारियों की इसी शिथिलता के कारण कस्तूरबा विद्यालय के स्टाफ बेलगाम हो चुके थे. इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) अनुराग मिंज को निर्देश दिया कि वे खरौंधी के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) को ‘रूटिंग जांच’ (नियमित निरीक्षण) नहीं करने के आरोप में तत्काल शो-कॉज (स्पष्टीकरण) जारी करें.

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लेखक के बारे में

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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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