बिहार के भोजपुर में एनकाउंटर पर आर-पार, 5 जुलाई को बहुजन महापंचायत का ऐलान
बहुजन महापंचायत का पोस्टर
Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर भोजपुर में सियासी माहौल फिर गरमा गया है. 5 जुलाई को जगदीशपुर में बहुजन महापंचायत बुलाई गई है, जिसे 24 जून को हुई महापंचायत के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. इस कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी जोरदार अभियान चलाया जा रहा है.
Bharat Tiwari Encounter: पिछले दिनों बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के समर्थन में एक महापंचायत हुई थी. अब इसके जवाब में एक और महापंचायत बुलाने का ऐलान कर दिया गया है. यह नई महापंचायत 5 जुलाई को जगदीशपुर में आयोजित की जाएगी. इसके आयोजकों का कहना है कि वे इस कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मजबूत करेंगे. इसमें बहुजन समाज के लाखों लोगों की भीड़ जुटाने का दावा किया जा रहा है.
कहां होगी यह नई महापंचायत और किसने बुलाया?
इस कार्यक्रम का नाम बहुजन महापंचायत रखा गया है. यह 5 जुलाई को जगदीशपुर के लाल बिहारी सिंह टोला हाई स्कूल मैदान में होगी. इस महापंचायत को बहुजन आर्मी नाम का एक संगठन बुला रहा है. बहुजन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोल्डन दास ने सोशल मीडिया के जरिए दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज के लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है.
महापंचायत बुलाने की असली वजह क्या है?
गोल्डन दास ने एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में बताया कि यह महापंचायत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को समर्थन देने के लिए है. भरत तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में सवर्ण समाज ने बिलौटी गांव में महापंचायत की थी. उसी के जवाब में अब बहुजन समाज एकजुट होकर सरकार के पक्ष में खड़ा हो रहा है. गोल्डन दास ने यह भी कहा कि आने वाले समय में दिल्ली में भी ऐसी ही महापंचायत की जाएगी.
पोस्टर में लालू, नीतीश और मायावती की तस्वीर
5 जुलाई की महापंचायत के लिए सोशल मीडिया पर जो पोस्टर शेयर किए जा रहे हैं, वे काफी चर्चा में हैं. इन पोस्टरों में भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक और डॉ. भीमराव अंबेडकर के साथ-साथ लालू यादव, कर्पूरी ठाकुर, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान, मायावती और मुलायम सिंह यादव जैसे बड़े नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं.
24 जून को हुई थी भरत तिवारी के समर्थन में महापंचायत
इससे पहले 24 जून को भरत तिवारी के समर्थन में बिलौटी गांव में बड़ी महापंचायत हुई थी. इसमें यूपी और बिहार के कई इलाकों से लोग आए थे. उस पंचायत में पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए दोषी पुलिस वालों की गिरफ्तारी की मांग की गई थी. साथ ही सरकार को भरत तिवारी के श्राद्ध तक का अल्टीमेटम दिया गया था. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी उस कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
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17 जून को कैसे हुआ था भरत तिवारी का एनकाउंटर?
भोजपुर के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी की 17 जून को पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई थी. परिवार का आरोप है कि उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, फिर भी उसे 5 गोलियां मारी गईं. परिवार की शिकायत पर तत्कालीन एसडीपीओ और थानेदार समेत कई पुलिस वालों पर हत्या का केस दर्ज हुआ है.
भरत तिवारी बाढ़ पीड़ितों की आवाज उठा रहा था, लेकिन उसके पास एक अवैध पिस्टल भी थी. पुलिस का कहना है कि उसने थानेदार पर पिस्टल तान दी थी और वह मानसिक रूप से बीमार था. अब इस पूरे मामले की जांच के लिए सीएम सम्राट चौधरी ने पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग बना दिया है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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