अनट्रेंड सिपाहियों से नहीं संभल रहा आरा शहर का ट्रैफिक, ना वर्दी-ना स्टिक मिली…CCTV से भी कार्रवाई नहीं
सांकेतिक तस्वीर
Arrah Traffic Police : आरा शहर को नगर निगम का दर्जा मिले लगभग 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां ट्रैफिक व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है. इससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
आरा (भोजपुर) से नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट
Arrah Traffic Police : आरा की बेपटरी यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए नगर को ऑटोमेटिक लाइटिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है. इसके साथ ही प्रशासन को यातायात नियमों को तोड़ने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी होगी. आरा नगर के लिए यातायात डीएसपी स्तर के अधिकारी की तैनाती और ट्रैफिक थाना की स्थापना के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है. अधिकांश वाहन चालक लेन की परवाह किए बिना मनमाने ढंग से वाहन चलाते हैं, जिससे शहर में प्रायः जाम की स्थिति बनी रहती है.
सभी चौक-चौराहों पर तैनात नहीं रहते ट्रैफिक जवान
ट्रैफिक पुलिस के जवान सभी चौक-चौराहों पर तैनात नहीं रहते हैं. जज कोठी मोड़ पर तैनात जवान सही ढंग से निगरानी नहीं करते हैं, और जहां जवान तैनात भी हैं, वे शाम 4:00 बजे ही चले जाते हैं. पूर्व में जवानों को सिग्नल दिखाने के लिए स्टिक मिला हुआ था, जिससे वे रात्रि 8:00 से 9:00 बजे तक तैनात रहते थे. वर्तमान में सिपाहियों को निर्धारित वर्दी नहीं दी जाती है, जिससे उनकी पहचान नहीं बन पाती. साथ ही रात्रि में यातायात नियंत्रित करने के लिए हरा, पीला और लाल रंग वाला स्टिक भी नहीं दिया जाता है.
सही ढंग से नहीं हो पाया है जवानों का प्रशिक्षण
नगर में तैनात यातायात बल के जवान पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं हैं. हालांकि कुछ जवानों को औरंगाबाद भेजकर प्रशिक्षण की खानापूर्ति की गई है, पर वह सही ढंग से नहीं हो पाया है. बिहार पुलिस के जवानों की जगह होमगार्ड के जवानों को लगाने से भी कोई असर नहीं हो रहा है. पूर्व एसपी विनय तिवारी के समय जवानों को वर्दी, लेनिंग व्यवस्था और प्लैटिनम लाइट वाला स्टिक दिया गया था, जिससे स्थिति सुधरी थी. लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद व्यवस्था फिर गड़बड़ा गई और पकड़ी चौक के पास से रोड डिवाइडर भी हटा दिया गया.
सीसीटीवी कैमरों से नहीं हो रहा कोई लाभ
नगर के सभी चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिसका कंट्रोल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में है. नियमों के अनुसार तेज गति या गलत ढंग से वाहन चलाने पर आर्थिक दंड का प्रावधान है, लेकिन अभी तक सीसीटीवी कैमरे से निगरानी कर किसी भी वाहन चालक पर जुर्माना नहीं लगाया गया है. इसके अलावा, शहर के जेल रोड, बिचली रोड, महादेवा, गोपाली चौक, शीशमहल चौक, सब्जी गोला, स्टेशन रोड, रामगढ़िया रोड, पकड़ी चौक और सिंडिकेट सहित अन्य प्रमुख सड़कों के दोनों किनारों पर दुकानदारों ने फुटपाथ पर अवैध कब्जा जमा रखा है.
लहरिया कट बाइक चालकों पर कार्रवाई नहीं
नगर में कई युवा सड़कों पर लहरिया कट बाइक चलाते हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं. लगभग एक माह पूर्व महाराजा कॉलेज के पास लहरिया कट बाइक की टक्कर से एक अवकाश प्राप्त कर्मी की मौत हो गई थी, लेकिन ऐसे चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. वहीं, यातायात सुदृढ़ करने के लिए 7 वर्ष पूर्व बनाए गए ट्रैफिक टावर प्रशासनिक लापरवाही के कारण या तो टूट चुके हैं या टूटने के कगार पर हैं. बाजार समिति के पास बने टावर को सड़क मरम्मत के दौरान तोड़कर हटा दिया गया है.
ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा
यातायात पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार सुधांशु ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा. जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था का सही होना जरूरी है और इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
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लेखक के बारे में
By विकाश झा
विकाश झा डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है. स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट, समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे तथ्य आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने में रुचि रखते हैं.
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