कौन है दूसरा भरत तिवारी बनने का दावा करने वाला आशीष? परिवार ने पहचानने से किया इनकार
परिवार ने आशीष तिवारी पर उठाए सवाल
Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिलौटी गांव की महापंचायत में खुद को चचेरा भाई बताने वाले आशीष तिवारी के दावों पर सस्पेंस गहरा गया है. जहां आशीष ने मंच से नौकरी छोड़ने और आंदोलन की चेतावनी दी. भरत के परिजनों ने उसे पहचानने से ही साफ इनकार कर दिया है.
Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी थी. इस सभा में कई वक्ताओं ने अपनी बात रखी और न्याय की मांग की, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां एक युवक ने बटोरीं. मंच पर आकर खुद को भरत तिवारी का चचेरा भाई बताने वाले इस युवक ने खूब भाषण दिया. युवक का नाम आशीष तिवारी बताया गया है.
दूसरा भरत बनने का किया दावा
महापंचायत के मंच से बोलते हुए आशीष तिवारी ने प्रशासन को सीधे चेतावनी दी. उसने कहा कि अगर सात दिनों के भीतर भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो इस आंदोलन को और भी ज्यादा तेज किया जाएगा. इसके साथ ही उसने भावुक होते हुए यह भी कह दिया कि अगर जरूरत पड़ी तो वह खुद ‘दूसरा भरत तिवारी’ बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.
भरत तिवारी के परिवार ने दावों को किया खारिज
कार्यक्रम खत्म होने के बाद भरत तिवारी के सगे परिवार से आशीष के बारे में पूछताछ की गई. भरत के बड़े भाई और अन्य परिजनों ने साफ शब्दों में कहा कि आशीष तिवारी उनके कोई निकट संबंधी नहीं हैं. परिवार ने उसके चचेरे भाई होने के दावे को पूरी तरह से मानने से इनकार कर दिया.
भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने भी कहा कि वह आशीष तिवारी को नहीं जानते और उन्होंने इस व्यक्ति को पहली बार देखा है. परिवार के मुताबिक, वह गांव का रहने वाला जरूर हो सकता है, लेकिन उसका परिवार से ऐसा कोई खून का रिश्ता नहीं है जैसा उसने मंच से चिल्लाकर बताया था.
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बिहार पुलिस में नौकरी और इस्तीफा देने की बात पर भी सस्पेंस
महापंचायत के दौरान आशीष तिवारी ने एक और बड़ा दावा किया था. उसने कहा था कि वह बिहार पुलिस में काम करता है और भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ने को तैयार है. उसके इस बयान की भी लोगों के बीच खूब चर्चा हो रही है.
अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि वह सच में बिहार पुलिस में है या नहीं, और क्या उसने नौकरी छोड़ने के लिए कोई कागजी कार्रवाई शुरू की है. फिलहाल आशीष के दावों को लेकर कई सवाल हैं, जबकि भरत तिवारी का परिवार इस पूरे विवाद से अलग सिर्फ निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग पर अड़ा है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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