वार्ड नंबर छह में ग्यारह हजार मतदाता पर सिर्फ पांच सफाई कर्मी

सफाई कर्मियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरायी. इलाके में जगह-जगह कचरे का ढेर, नालियां हो रही हैं ओवरफ्लो. प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी चरम पर. जामुड़िया : आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर छह में सफाई कर्मियों की भारी कमी के कारण इलाकों की नियमित सफाई नहीं […]
सफाई कर्मियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरायी.
इलाके में जगह-जगह कचरे का ढेर, नालियां हो रही हैं ओवरफ्लो.
प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी चरम पर.
जामुड़िया : आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर छह में सफाई कर्मियों की भारी कमी के कारण इलाकों की नियमित सफाई नहीं होने से इलाके में गंदगी की भरमार है. कूड़ेदान की कमी के कारण लोग कहीं भी कूड़ा फेंकने को विवश हैं. नालियों की सफाई ना होने के कारण अधिकांश नालियां ओवरफ्लो हो हो रही हैं.
ब्लीचिंग पावडर तथा कीटनाशक का छिड़काव नियमित नहीं होने के कारण मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है. फॉगिंग मशीन का उपयोग न होने से मच्छरों के आतंक से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी चरम पर है. वार्ड पार्षद प्रभात बनर्जी ने कहा कि सफाई कर्मियों की भारी कमी के बावजूद सीमित संसाधन में हर क्षेत्र में बेहतर सफाई व्यवस्था देने का प्रयास किया जा रहा है. हकीकत में हर इलाके के लोग सफाई व्यवस्था को लेकर परेशान हैं.आंखों देखी.
वार्ड संख्या छह अंतर्गत मंडलपुर बेनाली मोड़, रुईदासपाड़ा, बाउरीपाड़ा, मुस्लिमपाड़ा, गराईपाड़ा में कूड़ेदान की भारी कमी है. जो भी कूड़ेदान है वह भी अधिकांश जर्जर हालत में हैं. जिसके कारण जहां-तहां कचरे का ढ़ेर पड़ा है. पानी की निकासी व्यवस्था न होने के कारण लोगों के घरों का पानी सड़कों पर बहता रहता है. बरसात के दिनों में तो इलाके की स्थिति काफी बदतर हो जाती है.
क्या कहते हैं स्थानीय नागरिक?
मंडलपुर बनाली मोड़ के रहने वाले मनोज धीवर का कहना है कि उनके मोहल्ले में नियमित सफाई ना होने के कारण चारों तरफ हमेशा गंदगी फैली हुई रहती है. ब्लीचिंग पावडर तथा कीटनाशक का छिड़काव नहीं होता है. नालियां जाम पड़ी हुई है. जिससे हमेशा बदबू फैलती है. इन्ही नालियों में मच्छर का लार्वा पनपता है. चरमराई सफाई व्यवस्था को लेकर लोग भारी परेशानी का सामना करने को मजबूर है.
बाउरीपाड़ा निवास बबलू बाउरी ने कहा कि मोहल्ले में एक डेढ़ महीने में एक बार सफाईकर्मी आते हैं. जैसे तैसे कूड़ा उठाकर ले जाते हैं. कूड़ेदान के बाहर पड़े कचरा उठाने के लिए उन्हें कहे जाने के बावजूद भी नहीं उठाते हैं. यह कूड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जाता है. गंदगी को लेकर लोग परेशान हैं.
बाऊरीपाड़ा निवासी विशु धीवर ने कहा कि नालियों की नियमित सफाई ना होने के नालियां जाम है. गंदा पानी इसमें सड़ रहा है. जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है. शाम होते ही मच्छरों के आतंक से लोग परेशान है. फॉगिंग मशीन का उपयोग इलाके में नहीं किया जाता है.
मुस्लिमपाड़ा के निवासी शेख सजल ने कहा कि इलाके में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक उदासीनता के कारण जहां-तहां कचरा फैला रहता है. नालियों की सफाई ने होने से जाम नालियों का गंदा पानी बाहर बहता है. कीटनाशक और ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव नहीं होता है.
मुस्लिमपाड़ा निवासी सनत धीवर ने कहा की इलाके में कचरे की भरमार है. नियमित सफाई न होने पर यह कचरा पशुओं का चारागाह बन गया है. ब्लीचिंग पावडर तथा कीटनाशक का छिड़काव तथा फागिंग मशीन का भी प्रयोग नहीं होता है.
क्या कहते हैं वार्ड पार्षद?
वार्ड नंबर छह के पार्षद प्रभात बनर्जी ने कहा कि उनके वार्ड में ग्यारह हजार वोटर पर सिर्फ मात्र 5 सफाईकर्मी हैं. इनकी संख्या कम होने के कारण सभी मोहल्ले में नियमित सफाई नहीं हो पाती है. किसी मोहल्ले में अतिरिक्त कचरा जमा होने की सूचना पर अतिरिक्त सफाई कर्मी को काम पर लगाया जाता है. ब्लीचिंग पावडर तथा कीटनाशक का छिड़काव समय-समय की जाती है. जरूरत के आधार पर फॉगिंग मशीन का भी उपयोग किया जाता है.
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