मिरिक झील की घेराबंदी से बढ़ेगी सुंदरता

मिरिक : मिरिक झील के चारो ओर खुला रहने के कारण समय-समय पर झील में कूदकर आत्महत्या की घटनाएं हो जाती है, जिससे लोगों का दिल दहल जाता है. विगत सत्तर के दशक में इलाके के झाड़ियों को काटने के बाद जमीन खोदकर झील का निर्माण किया गया था. उस दौरान पश्चिम बंगाल में कांग्रेस […]
मिरिक : मिरिक झील के चारो ओर खुला रहने के कारण समय-समय पर झील में कूदकर आत्महत्या की घटनाएं हो जाती है, जिससे लोगों का दिल दहल जाता है. विगत सत्तर के दशक में इलाके के झाड़ियों को काटने के बाद जमीन खोदकर झील का निर्माण किया गया था. उस दौरान पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की सरकार थी और मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय थे.
मिरिक को पर्यटक केंद्र के उद्देश्य से ही तत्कालीन राज्य सरकार ने झील का निर्माण शुरू किया था, जो 1976 में जाकर पूरा हुआ. उस दौरान झील का आयतन 3.5 किलोमीटर है. बताया जाता है कि उसी दौरान से झील के चारो ओर घेराबंदी की व्यवस्था नहीं की गयी थी. इसी के चलते झील को आत्महत्या करने का सबसे परिचित जगह हो गया है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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