पुलिस की मौजूदगी में आदिवासी महिलाओं ने बंद कराया कार्य

Updated at : 10 Feb 2019 12:12 AM (IST)
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पुलिस की मौजूदगी में आदिवासी महिलाओं ने बंद कराया कार्य

एक वर्ष में कार्य पूरा करना था, 11 माह में ले आउट का कार्य नहीं हुआ पुरा 119 करोड़ के प्रोजेक्ट को बांस के बैरिकेडिंग कर रोक दिया प्रशासनिक स्तर पर अनेकों बार हुई बैठक, नहीं निकला सकारात्मक परिणाम साइट बदलने का हो सकता है निर्णय मंगलवार को रूपनारायणपुर : सालानपुर प्रखण्ड के नामोकेशिया में […]

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एक वर्ष में कार्य पूरा करना था, 11 माह में ले आउट का कार्य नहीं हुआ पुरा

119 करोड़ के प्रोजेक्ट को बांस के बैरिकेडिंग कर रोक दिया
प्रशासनिक स्तर पर अनेकों बार हुई बैठक, नहीं निकला सकारात्मक परिणाम
साइट बदलने का हो सकता है निर्णय मंगलवार को
रूपनारायणपुर : सालानपुर प्रखण्ड के नामोकेशिया में रानीगंज कोलफील्ड एरिया (आरसीएफए) पुनर्वास परियोजना का कार्य तीसरी बार आदिवासियों ने रोक दिया. पुलिस की मौजूदगी में अमल नस्कर 25-30 आदिवासी महिलाओं के साथ पहुंचे और ठेका प्राप्त ब्रिज एंड रूफ कंपनी के अधिकारियों से कार्य का वर्क आर्डर दिखाने को कहा. वर्क आर्डर लेकर आते इसके पूर्व ही कार्य रोक दिया और उन्हें कार्य न करने की हिदायत दी. पूर्व में हुए हमले को देखते हुए कंपनी ने कार्य बंद कर दिया. जिलाशासक शशांक सेठी ने इस मुद्दे को लेकर मंगलवार अपने कार्यालय में बैठक बुलायी है.
आरसीएफए परियोजना के तहत जिले के चार प्रखंडों सालानपुर, बाराबनी, जमुड़िया और अंडाल में कुल साढ़े ग्यारह हजार आवास बनाने का कार्य राज्य की हाऊसिंग विभाग ने आरंभ किया है. इसके तहत सालानपुर के नामोकेशिया में सरकारी साढ़े 26 एकड़ जमीन पर 1904 आवास बनाने के कार्य का ठेका ब्रिज एंड रूफ कंपनी को मिला है. कंपनी ने 12 मार्च 2018 को यहां कार्य आरंभ किया. 17 मार्च को स्थानीय आदिवासियों ने यहां कार्य कर रहे लोगों पर हमला किया.
पांच लोग बुरी तरह जख्मी हुए. सालानपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज हुयी. किसी की गिरफ्तारी नहीं हुयी. प्रशासन ने पुलिस प्रोटेक्शन में 27 जुलाई 2018 को पुनः कार्य आरंभ कराया. यहां कार्य होने से भारी अशांति फैलाने की पुलिस की स्पेशल ब्रांच की रिपोर्ट के आधार पर 30 जुलाई से कार्य बंद कर दिया गया. 17 नवंबर को प्रशासन ने पुनः पुलिस प्रोटेक्शन में कार्य आरंभ कराया.
आदिवासियों ने पुलिस की मौजूदगी में प्रोजेक्ट साईट के मुख्य मार्ग को बांस का बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. कंपनी ढाई माह से साईट एरिया के किनारे प्रतिदिन ले आऊट के कार्य होने का दिखावा करती रही. इसे भी आदिवासियों ने बंद कर दिया. इस प्रोजेक्ट को एक साल में पूरा होना था, लेकिन ग्यारह माह में ले आऊट का कार्य भी पूरा नहीं हुआ. हाऊसिंग विभाग की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस मुद्दे को लेकर कोलकाता में बैठक की. राज्य सरकार ने लोकसभा चुनाव से पूर्व साढ़े पांच हजार आवास लाभुकों को सौंपने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया था. लेकिन इस विरोध के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पायेगा.
जिलाशासक ने आरसीएफए प्रोजेक्ट का चार प्रखंडों में कार्य कर रही सभी कंपनी के प्रतिनिधियों को लेकर मंगलवार दोपहर 12 बजे अपने कार्यालय में समीक्षात्मक बैठक करेंगे. नामोकेशिया प्रोजेक्ट को लेकर भी साईट बदलने को लेकर भी कुछ निर्णय हो सकता है.
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