फर्जी टिकट कारोबारियों के खिलाफ आरपीएफ का छापामारी अभियान जारी, अब तक डिवीजन में 11 मामले आये सामने

Updated at : 29 Nov 2018 6:57 AM (IST)
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फर्जी टिकट कारोबारियों के खिलाफ आरपीएफ का छापामारी अभियान जारी, अब तक  डिवीजन में 11 मामले आये सामने

पानागढ़ : आसनसोल रेल मंडल के तहत झाझा आउटर से लेकर खाना लिंक व साइथिया आउटर तक तथा तथा देवघर दुमका तक आरपीएफ के विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से आइआरसीटीसी का फर्जी व पर्सनल अकाउंट बनाकर वाणिज्यिक रूप से आरक्षित व तत्काल टिकट बनाकर बेचने वाले कारोबारियों की डिवीजन में आरपीएफ ने धर पकड़ […]

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पानागढ़ : आसनसोल रेल मंडल के तहत झाझा आउटर से लेकर खाना लिंक व साइथिया आउटर तक तथा तथा देवघर दुमका तक आरपीएफ के विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से आइआरसीटीसी का फर्जी व पर्सनल अकाउंट बनाकर वाणिज्यिक रूप से आरक्षित व तत्काल टिकट बनाकर बेचने वाले कारोबारियों की डिवीजन में आरपीएफ ने धर पकड़ तेज कर दी गयी है.
इ-टिकटिंग सेल कमेटी गठित कर आसनसोल डिविजन में आइआरसीटी के अवैध व फर्जी कारोबारियों के खिलाफ जहां आसनसोल रेल मंडल के सीनियर डीएससी आरपीएफ डॉ एएन झा ने मुहिम छेड़ी है, वही विभिन्न आरपीएफ पोस्ट में मौजूद प्रभारियों अथवा अन्य अधिकारी इस पर लगाम कसने के लिये सक्रियता दिखा रहे हैं. अब तक 11 लोगों को मामले में पकड़ा गया है.
बावजूद इसके अभी भी डिवीजन में व्यापक स्तर पर इ टिकटिंग के कारोबारी खुलेआम अपना कारोबार व नेटवर्क चला रहे हैं. डिवीजन में ऐसे अवैध इ टिकटिंग कारोबारियों के कारण टिकट काउंटर पर खड़े यात्रियों को तत्काल अथवा आरक्षित टिकटों के लिये भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई ऐसे कारोबारी डिवीजन में मौजूद है, जो साइबर कैफे अथवा अन्य दुकान की आड़ में इ टिकटिंग का कारोबार कर रहे हैं.
वे अपने पर्सनल अकाउंट से तत्काल व आरक्षित टिकट बनाकर ऊंची दरों पर यात्रियों को बेच रहे हैं. रेड मिर्ची, रेड चिल्ली तथा ऑरेंज जैसे सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर तत्काल टिकटों का अवैध कारोबार किया जा रहा है. रेलवे टिकट काउंटर पर खड़े आरक्षित टिकट लेने वाले यात्रियों का साफ कहना है कि तत्काल टिकट के लिये रातभर इंतजार करने के बाद भी टिकट बुकिंग से पहले ही वेटिंग मिलने पर निराश होकर बैरंग लौट जाना पड़ता है. अवैध रूप से तत्काल टिकटों के कारोबारियों का ई टिकटिंग पर कब्जा इसकी मुख्य वजह है. साधारण लोगों का कहना है कि अवैध कारोबारियों के खिलाफ जिस प्रकार धरपकड़ होनी चाहिए वह सही दिशा में नहीं हो पा रही है.
इक्का-दुक्का मामले के सामने आने तथा पकड़े जाने से पूरी तरह से इस गोरखधंधे पर अंकुश नहीं लग पा रहा है. आसनसोल रेल मंडल के सीनियर डीएससी आरपीएफ डॉ एएन झा ने बताया कि अभी तक सॉफ्टवेयर का व्यवहार करने वाला कोई भी कारोबारी नहीं पकड़ा गया है. अगर इनके खिलाफ कोई सूचना मिलती है तो एक्शन लिया जायेगा. अब तक डिवीजन में जामताड़ा, बराकर में एक, आसनसोल में दो, कुल्टी, रानीगंज, दुर्गापुर, अंडाल तथा सिउड़ी में एक-एक तथा पानागढ़ पोस्ट में दो मामले पकड़े गये हैं. करोबारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
श्री झा ने बताया कि ई टिकटिंग सेल कमेटी के गठन के बाद से इस दिशा में धरपकड़ तेज कर दी गई है. डिविजन के विभिन्न पोस्टों में मौजूद आरपीएफ के अधिकारियों को भी इस दिशा में सख्त निर्देश दिया गया है. वे इस इ-टिकटिंग के खिलाफ अपने इलाके में मुहिम तेज करें तथा अवैध कारोबारियों के खिलाफ एक्शन लें.
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