भाजपा की रथ यात्रा नहीं, वोट यात्रा है : सूर्यकांत

Updated at : 20 Nov 2018 2:46 AM (IST)
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भाजपा की रथ यात्रा नहीं, वोट यात्रा है : सूर्यकांत

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भाजपा की रथयात्रा एक दिखावा है, बल्कि यह भाजपा की रथ यात्रा नहीं है, उनका वोट यात्रा है. पहले भी बंगाल के एक हिस्से से रथ यात्रा होकर गुजरा था, तब दंगा हो गया था. ऐसे में इस बार रथ यात्रा को लेकर पश्चिम बंगाल की सरकार को सोचना चाहिए, […]

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भाजपा की रथयात्रा एक दिखावा है, बल्कि यह भाजपा की रथ यात्रा नहीं है, उनका वोट यात्रा है. पहले भी बंगाल के एक हिस्से से रथ यात्रा होकर गुजरा था, तब दंगा हो गया था. ऐसे में इस बार रथ यात्रा को लेकर पश्चिम बंगाल की सरकार को सोचना चाहिए, लेकिन वे रोक लगाने की बजाय उनकी रथ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री खुद कह रही है कि जहां से भाजपा की रथयात्रा निकलेगी, वे अनुसरण करेंगी.
ऐसे में तृणमूल भी रैली निकालेगी, तो अलग-अलग रथयात्रा और रैली निकलने से दंगा और हिंसा की संभावना है इसलिए माकपा सुझाव दे रही है कि मुख्यमंत्री भी भाजपा के साथ ही मिलकर एक साथ रथ यात्रा निकाले. इससे किसी तरह की हिंसा की सम्भावना नहीं रहेगी. ये बातें माकपा के राज्य सचिव व राज्य विधानसभा में विधायक दल के नेता डॉ. सूर्यकांत मिश्रा ने कहीं.
28-29 नवंबर को सिंगूर से किसानों का राजभवन अभियान
6 दिसंबर को महानगर समेत जिलों में माकपा का महाजुलूस
8 व 9 जनवरी की ट्रेड यूनियन की हड़ताल को माकपा का समर्थन
सोमवार को माकपा के पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा रथयात्रा के जरिए राज्य में दंगा व हिंसा का माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि माकपा को एक रैली, सभा अथवा सम्मेलन की अनुमति नहीं दी जाती है, लेकिन भाजपा की इस रथ यात्रा को लेकर अभी से ही उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल में विभिन्न जगहों पर आरएसएस अस्त्र प्रशिक्षण दे रहे हैं, उसे क्यों नहीं रोका जा रहा है.
उन्होंने कहा कि बंगाल की स्थिति बदहाल होती जा रही है. राज्य में पुलिस भी सुरक्षित नहीं है. इसके कई उदाहरण अब तक लोग देख चुके हैं. बंगाल में चाहे विरोधी हो या पुलिस कोई भी सुरक्षित नहीं है.
डर रही हैं मुख्यमंत्री
सीबीआइ को राज्य में घुसने से रोक लगाने के मुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि सीबीआइ सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देश पर कई मामलों की जांच कर रही है. ऐसे में सीबीआई को रोक लगाना संविधान की अवहेलना है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को क्यों डर लगा रहा है. पहले पेंटिंग उनके सात करोड़ में बिके तो अब वे क्यों नहीं पेंटिंग कर रही हैं. क्यों बंद कर दी हैं. क्या अब उन्हें डर लगने लगा है.
28-29 नवंबर को सिंगूर से राजभवन अभियान
उन्होंने कहा कि कृषक खेत मजदूर संगठन समेत सारे किसान संगठनों के संयुक्त सहयोग से 28-29 नवंबर को सिंगूर से राजभवन अभियान किया जायेगा. इस दौरान 28 को बड़ी संख्या में विभिन्न जिलों से किसान जमायत होंगे और 29 को राजभवन के लिए जुलूस निकाला जायेगा. इसमें खाद्य गारंटी, खेती के लिए विद्युत दर में रियायत समेत 17 मांगों को लेकर मार्च निकाला जायेगा.
6 दिसंबर को माकपा का महाजुलूस
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग राममंदिर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना कर रहे हैं. उसके निर्देश से पहले ही बलपूर्वक राममंदिर बनाने का मनमाना दिखा रहे है. इसे लेकर छह दिसम्बर को माकपा की ओर से महानगर समेत जिलों में भी एक महाजुलूस निकाला जायेगा.
8 व 9 जनवरी के हड़ताल को माकपा का समर्थन
उन्होंने कहा कि आठ और नौ जनवरी को केंद्रीय ट्रेड यूनियन की ओर से बंगाल में भी हड़ताल का आह्वान किया गया है. इस हड़ताल का वाममोर्चा समर्थन करेगी.
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