फरीद आलम हत्याकांड: कोलकाता से हत्या के तार तलाश रही पुलिस

Updated at : 13 Sep 2018 11:45 PM (IST)
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फरीद आलम हत्याकांड: कोलकाता से हत्या के तार तलाश रही पुलिस

आसनसोल : फरीद आलम हत्याकांड में गिरफ्तार संतोष चौधरी और नवीन सिंह का पुलिस के समक्ष दिये गये हर झूठे बयान को पुलिस तथ्यों के साथ सही साबित कर रही है. जिसके कारण यह दोनों आरोपी का पुलिस को जांच से दिशा भ्रमित करने का प्रयास विफल हो रहा है और ये दोनों अपने ही […]

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आसनसोल : फरीद आलम हत्याकांड में गिरफ्तार संतोष चौधरी और नवीन सिंह का पुलिस के समक्ष दिये गये हर झूठे बयान को पुलिस तथ्यों के साथ सही साबित कर रही है.
जिसके कारण यह दोनों आरोपी का पुलिस को जांच से दिशा भ्रमित करने का प्रयास विफल हो रहा है और ये दोनों अपने ही बयान में खुद उलझ रहे है. हत्याकांड के दिन चार सितंबर की रात को नवीन कोलकाता गया और पांच की सुबह संतोष कोलकाता गया था.
फिर यह लोग छह को वापस लौट आये. कोलकाता ये क्यों गए थे, किसके साथ मिले, यह राज पुलिस अभी तक नहीं निकाल पायी है. कोलकाता के कस्बा इलाके में भी इनका मोबाईल का टॉवर लोकेशन पाया गया है. जांच में यह बाद साबित हो गयी है कि नवीन जो भी कार्य करता है, वह संतोष के इशारे पर करता है.
उसने पुलिस को बताया है कि संतोष अपने मोबाइल फोन से बहुत कम फोन करता था. वह इधर उधर से किसी का भी फोन लेकर अधिकांश बात करता था. संतोष ने किसके फोन से किसके साथ बात की है, यह जान पाना पुलिस के लिए एक समस्या बन गयी है. एडीसीपी (वेस्ट) अनामित्र दास ने कहा कि पुलिस हर पहलुओं को खंगाल रही है. मुख्य आरोपी महेश शर्मा की गिरफ्तारी होने के बाद सभी राज के सबूत मिल जायेंगे. जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास चल रहा है.
संतोष का झूठा बयान ही उसे फंसाया
संतोष की गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह महेश को नहीं जानता है. उसका घर कहां है, यह भी नहीं जानता है.
पुलिस ने जब उसके सामने उसके इस झूठ का सबूतों के साथ खुलासा किया, तब उसने स्वीकार किया कि वह महेश को जानता है. महेश उसके घर आता था. वह भी महेश के घर जाता था. वे लोग आसनसोल, निरसा, धनबाद में भी आपस में मिलते थे. उसका यह झूठ पुलिस के संदेह को और भी पुख्ता किया.
कोलकाता क्यों गये ?
चार सितंबर को फरीद आलम की हत्या हुयी. रात को ही नवीन सिंह यहां से कोलकाता फरार हो गया. सुबह संतोष भी यहां से कोलकाता चला गया. यह जानकारी पुलिस को दोनों के मोबाईल फोन के टॉवर लोकेशन से प्राप्त हुयी. कोलकाता में यह लोग क्यों गए थे ? वहां किससे मिले ? क्या बात किये ? पुनः इलाके में वापस क्यों आ गए ? इस विषय में यह लोग पुलिस को कुछ भी नहीं बता रहे है. उनका कहना है कि वे घूमने गए थे.
कोलकाता जाने पीछे इनका उद्देश्य क्या था, सबूत के साथ पुलिस जुटाने का प्रयास कर रही है ताकि इनके कोलकाता जाने के राज से पर्दा उठ सके और जांच का तथ्य और भी मजबूत हो. पुलिस का मानना है कि कांड के दूसरे दिन ही मीडिया में महेश और संतोष का नाम संदेही की सूची में आने की खबर इनके पास पहुंच गयी. इनकी सोच थी कि पुलिस एक दो दिनों में उनके घर पर जरूर छापामारी करेगी.
यदि वे घर मे नहीं रहे तो पुलिस शक और भी मजबूत हो जाएगा कि कांड को अंजाम देने के बाद यह लोग फरार हो गये. रणनीति के तहत कोलकाता से यह लोग दूसरे ही दिन वापस लौट गए ताकि पुलिस जब इन्हें खोजने जाय तो इनकी उपस्थिति वहां हो.
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