28 से शुरू होगा मनभावन सावन
Updated at : 25 Jul 2018 2:14 AM (IST)
विज्ञापन

आसनसोल : सावन का महीना आगामी 28 जुलाई से शुरू हो रहा है. वैसे तो बांग्ला सावन 17 जुलाई से ही शुरू हो गया है. पूरे शिल्पांचल में सावन की तैयारियां भी जोर-शोर से होने लगी हैं. बाजार में कांवरियों के लिए गेरूए रंग के वस्त्रों और कांवर जैसे सामान सज गये हैं. वहीं, महिलाओं […]
विज्ञापन
आसनसोल : सावन का महीना आगामी 28 जुलाई से शुरू हो रहा है. वैसे तो बांग्ला सावन 17 जुलाई से ही शुरू हो गया है. पूरे शिल्पांचल में सावन की तैयारियां भी जोर-शोर से होने लगी हैं. बाजार में कांवरियों के लिए गेरूए रंग के वस्त्रों और कांवर जैसे सामान सज गये हैं. वहीं, महिलाओं के लिए हरे रंग के परिधान और हरे रंग की चुड़ियों से बाजार सज चुका है.
इस बार सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को है. ऐसा माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं. इस साल सावन का महीना बहुत खास है. पंचांग के अनुसार इस बार सावन 30 दिनों का है तथा इसमें चार सोमवार शामिल हैं.
30 को पहला सोमवार, 26 को रक्षा बंधन
पूर्णिमा की गणना के अनुसार 28 जुलाई से सावन आरंभ हो रहा है. सावन की पहली सोमवारी 30 जुलाई को मनायी जायेगी. इसके बाद दूसरी सोमवारी छह अगस्त, तीसरी सोमवारी 13 अगस्त और चौथी सोमवारी 20 अगस्त को मनायी जायेगी. सावन पूर्णिमा रक्षाबंधन का पर्व 26 अगस्त को मनाया जायेगा. इसी बीच 11 अगस्त को हरियाली अमावस्या है. 15 अगस्त को नागपंचमी का पर्व मनाया जायेगा. सावन पूरे 30 दिन का है तथा ऐसा संयोग 19 वर्षों के बाद आया है.
सावन के महीने का महत्व
स्थानीय शनि मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित तुलसी तिवारी ने कहा कि चैत्र के पांचवें महीने को सावन का महीना कहा जाता है. सावन के महीने का हिंदू धर्म में काफी महत्व है. शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव ने सावन के महीने में माता पार्वती की तपस्या से खुश होकर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकारा था. भगवान शिव का रूद्राभिषेक करने से पद, प्रतिष्ठा तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है. सावन के पहले सोमवार से ही 16 सोमवार व्रत की शुरूआत होती है.
कांवरियों के लिए तैयार हुए कांवर
सावन में शिल्पांचल से देवघर, वासुकीनाथ तथा तारकेश्वर जानेवाले कांवरियों को लेकर कांवर तैयार किये जा रहे हैं. आसनसोल सहित शिल्पांचल के विभिन्न बाजार कांवरियों के लिए सज गये हैं. प्लास्टिक से लेकर पीतल, स्टील और चांदी के कांवर तैयार किये जा रहे हैं. 250 रूपये से लेकर 25 हजार रूपये तक के कांवर की मांग है. बिक्रेता मनोज पाठक के अनुसार प्रत्येक सावन में दो से तीन लाख रूपये का बाजार सिर्फ कांवर का होता है. कोयलांचल के ज्यादातर श्रद्धालू स्टील पॉलिस या चांदी पॉलिस के कांवर खरीदते हैं. इसकी कीमत 25 हजार से 30 हजार रूपये तक है. इसमें 14 आइटम लगते हैं. तीन सौ रूपये से लेकर एक हजार रूपये तक के कांवरों की मांग अधिक है.
बढ़ती है कपड़ों की मांग
हैंडलूम व्यवसायी प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि सावन के लेकर गेरूए रंग के वस्त्रों की मांग है. महिलाओं के लिए साड़ी, युवतियों के लिए कुरती व लैगिज, वहीं युवकों के लिए टी-शर्ट, बैग, पेंट, गमछा, गंजी, बंड़ी आदि की मांग है. इस बार ग्राहकों की मांग को देखते हुए रेडीमेड धोती आयी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




