आसनसोल : 10 तक स्कूल फी में कटौती का करें निर्णय

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 May 2018 1:22 AM

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आसनसोल : आसनसोल सदर महकमा शासक प्रलय राय चौधरी ने गुरूवार को संत जुट्स हाई स्कूल की प्रबंधन कमेटी तथा गाजिर्यन फोरम प्रतिनिधियो के साथ वार्षिक शुल्क तथा फी बढ़ोत्तरी के मुद्दे पर त्रिपक्षीय बैठक की. डिप्टी मजिस्ट्रेट सयातन बोस, गाजिर्यन फोरम के देवश्री राय, सचिन मंडल, संगीता देवी साव, परवेज खान, प्राचार्य सुप्रिया मित्र, […]

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आसनसोल : आसनसोल सदर महकमा शासक प्रलय राय चौधरी ने गुरूवार को संत जुट्स हाई स्कूल की प्रबंधन कमेटी तथा गाजिर्यन फोरम प्रतिनिधियो के साथ वार्षिक शुल्क तथा फी बढ़ोत्तरी के मुद्दे पर त्रिपक्षीय बैठक की. डिप्टी मजिस्ट्रेट सयातन बोस, गाजिर्यन फोरम के देवश्री राय, सचिन मंडल, संगीता देवी साव, परवेज खान, प्राचार्य सुप्रिया मित्र, प्रसीलिया विज ट्रस्ट बी क्रुस्ड आदि शामिल थे.
सनद रहे कि बीते दिनो स्कूल प्रबंधन कमेटी बिना सूचना के वार्षिक शुल्क में वृद्धि कर दी गयी. साथ ही फी में भी बढोत्तरी कर दी गयी. इस दौरान मौके पर संजय सिंह, सोमनाथ दां, अमित ओझा आदि उपस्थित थे. श्री राय चौधरी ने कहा कि गजिर्यनो की मांग है कि वार्षिक शुल्क में 25 फीसदी कमी होनी चाहिए. वार्षिक शुल्क को कम से दो किस्तो में भुगतान करने की सुविधा मुहैया करायी जाय. श्री राय चौधरी ने स्कूल प्रबंधन कमेटी को फटकार लगायी. उन्होने कहा कि आगमी वर्ष से वार्षिक शुल्क में मात्र 10 फीसदी की वृद्धि होनी चाहिए.
इससे अधिक वृद्धि नहीं की जा सकती है. उन्होने स्कूल प्रबंधन कमेटी प्रसीलिया विज ट्रस्ट के सदस्यो को गाजिर्यन की परेशानी को समझने का निर्देश दिया. साथ ही 10 मई तक प्रबध्ांन कमेटी बैठक कर फी कम करने का निर्णय ले. गाजिर्यन फरीद अंसारी तथा सचिन मंडल ने कहा कि सदर महकमा शासक श्री राय चौधरी ने उनकी जायज मांगो पर गौर किया है. साथ ही स्कूल मैनेजिंग कमेटी को 10 मई तक बैठक कर फी तथा वार्षिक शुल्क कम करने पर निर्णय लेने का समय दिया गया है.
भारतीय हिंदी हाईस्कूल में नहीं थम रहा गतिरोध, बच्चो की पढ़ाई बाधित: दुर्गापुर. बेनाचिति इलाका स्थित भारतीय हिंदी हाईस्कूल के शिक्षक प्रभारी अनिल पांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इससे स्कूल में गतिरोध की स्थिति गहरा गई है. स्कूल के पठन-पाठन पर इसका खासा प्रभाव दिख रहा है. बेहतर शिक्षा नहीं मिलने से बच्चों का भविष्य अन्धकार की ओर जाता दिख रहा है.
सामने ही बच्चों का यूनिट टेस्ट है, लेकिन स्कूल बिना किसी प्रभारी के चल रहा है. इस बाबत अनिल पांडे का कहना है कि स्कूल की दशा और दिशा सुधारने के उद्देश्य से शिक्षक प्रभारी का भार लिया था. लेकिन सहयोगी शिक्षकों की असहयोगिता के कारण इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाते हुये कहा कि स्कूल के कुछ शिक्षक गुटबाजी कर मनमानी कर रहे हैं. वे लोग समय पर स्कूल नहीं आते हैं. समय पर कक्षाओं में भी नहीं जाते हैं. इस कारण स्कूल के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है.
शिक्षको को असहयोगात्मक रवैये के कारण शिक्षक प्रभारी के पद से मुक्त होना ही बेहतर समझा. उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक पिछले प्रभारी से कोई चार्ज भी नहीं मिला था. केवल ऑफिसियल लेटर ही मिला था. उन्होंने बताया कि इस्तीफा प्रबंधन कमेटी को भेज दिया है. उल्लेखनीय है कि प्रधानाध्यापक धर्मेन्द्र प्रसाद निलंबित है. उन पर आर्थिक अनियमितता और मिड डे मिल में गड़बड़ी का आरोप है. लेकिन स्कूल प्रबंधन कमेटी अभी तक उनके आरोपों को सिद्ध नहीं कर पायी है.
ना ही उनका निलंबन वापस किया गया है. इस कारण स्कूल को शिक्षक प्रभारी के द्वारा चलाया जा रहा है. धर्मेन्द्र प्रसाद के निलंबन के बाद समीर दे शिक्षक प्रभारी का पद सम्भाल रहे थे. परन्तु उनके द्वारा सही तरीके से स्कूल नहीं चलाये जाने के कारण अप्रैल महीने की शुरुआत में अनिल पांडे को शिक्षक प्रभारी का भार सौंपा गया था. अब अचानक उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया. इससे स्कूल में पूर्ववत स्थिति आ गयी है.
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