रिहाई के लिए प्रदर्शन, पथराव, लाठीचार्ज

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आसनसोल : रामनवमी के दौरान आसनसोल रेलपार इलाके में फैली गुटीय हिंसा में मुख्य आरोपी रहे गुलजार मोहल्ला निवासी मोहम्मद सज्जाद उर्फ चिकना को आसनसोल नॉर्थ थाना पुलिस की विशेष टीम ने गया (बिहार) से गिरफ्तार किया. उसे शनिवार को आसनसोल लाया गया. उसे जहांगीरी मोहल्ला के फैज-ए-आम पुलिस फांड़ी में रखा गया था. इसकी […]

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आसनसोल : रामनवमी के दौरान आसनसोल रेलपार इलाके में फैली गुटीय हिंसा में मुख्य आरोपी रहे गुलजार मोहल्ला निवासी मोहम्मद सज्जाद उर्फ चिकना को आसनसोल नॉर्थ थाना पुलिस की विशेष टीम ने गया (बिहार) से गिरफ्तार किया. उसे शनिवार को आसनसोल लाया गया. उसे जहांगीरी मोहल्ला के फैज-ए-आम पुलिस फांड़ी में रखा गया था.
इसकी सूचना मिलते ही उसके इलाके के लोगों ने उसकी रिहाई की मांग को लेकर फांड़ी का घेराव कर दिया. फुलिस अधिकारियों द्वारा इंकार किये जाने के बाद उनका विरोध उग्र हो गया. सहायक पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) आलोक मित्र, सीआई राजकुमार मालाकार, थाना प्रभारी शांतनु अधिकारी, फांड़ी प्रभारी तपन कुमार मंडल को फांडी के अंदर घेराव करके रखा. स्थिति बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गयी.
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव कर दिया. पथराव में दो अवर निरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारियों को चोटे आयीं. पुलिस वाहनों को भी क्षति पहुंची. प्रदर्शनकारियों ने पत्नकारों पर भी हमला किया. पुलिस ने लाठी चार्ज कर उन्हें फांड़ी परिसर से खद्ेड़ा. पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि सज्जद की भूमिका को देखते हुए उसकी गिरफ्तारी की गयी है.
उन्होंने लाठी चार्ज से इंकार किया. सनद रहे कि रामनवमी पर बीते 26 मार्च को रानीगंज में गुटीय हिंसा फैल गयी थी. इसके बाद आसनसोल में भी गुटीय हिंसा फैल गयी थी. उसके उपरांत पूरा रेलपार इलाका अशांत हो गया था. इस मामले में पुलिस ने कुल चार मामले दर्ज किये गये. जिसमे अबतक 63 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
पुलिस जांच अधिकारियों पर हिंसा के लिए मुख्य रूप से जिम्मेवार लोगों को पक ड़ने के लिए भारी दबाब था. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के क्रम में सज्जाद उर्फ चिकना की मुख्य भूमिका सामने आयी. इसका अंदाजा लगते ही वह शहर छोड़ कर फरार हो गया. स्थिति शांत होते ही पुलिस ने उसे दबोचने की रणनीति बनायी. सूचना मिली कि वह गया (बिहार) में छिपा हुआ है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की तथा उसे गया में गिरफ्तार कर लिया.
उसे कड़ी सुरक्षा में आसनसोल लाया गया. उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं तथा स्थानीय निवासी फैज-ए-आम फांड़ी के पास जमा हो गये. सज्जद इस मामले में निदरेष है. पुलिस पहले ही इस मामले में कई निदरेष युवकों को गिरफ्तार कर चुकी है. इस कारण उसे रिहा करना होगा. जबकि पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि उसके खिलाफ काफी साक्ष्य है. उसे रिहा नहीं किया जा सकता.
इसके बाद महिलाएं अत्यधिक उग्र हो गयी तथा फांड़ी का घेराव कर दिया. पुलिस अधिकारियों ने संयम बरता. कई पुलिस अधिकारी थाने में बंधक बन गये. अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. पुलिस तैनाती बढ़ते देख आंदोलनकारी समझ गये कि रिहाई नहीं होगी. वे उग्र हो गये तथा पथराव शुरू कर दिया. इस क्रम में अवर निरीक्षक स्तर के दो अधिकारी घायल हो गये.
उनका इलाज इएसआई अस्पताल में कराया गया. पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गये. स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया तथा लाठी चार्ज कर सबकों खदेड़ दिया. इस मामले में सात व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
कौन है सज्जद
पुलिस अधिकारियों की माने तो सज्जद इस इलाके में होने वाले अधिसंख्य गैर कानूनी कार्यो में संरक्षक की भूमिका में है. उसे राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है. कुछ दिनों पूर्व वह पूरे प्रभाव से इलाके में रहता था. यहां तक कि कई पुलिस कर्मियों के साथ भी उसे बेहतर संबंध थे. हालांकि उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है.
मीडियाकर्मी भी रहे निशाने पर
फांड़ी का घेराव कर रही महिलाओं तथा युवकों ने मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि जब उन पर उपद्रवियों का हमला हो रहा था, उनके घर जलाये जा रहे थे, उनकी संपत्ति लूटी जा रही थी, उस समय कोईमीडियाकर्मी उनके साथ नहीं खड़ा था. उनकी प्रताड़ना को प्रसारित नहीं किया गया. लेकिन निदरेष को पुलिस गिरफ्तार कर रही है तथा वे विरोध कर रही है तो मीडियाकर्मी सक्रिय हैं. उन्होंने कई मीडियाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्का तथा हाथापाई भी की.
रेलपार की गुटीय हिंसा में पांच और गिरफ्तार
आसनसोल. रामनवमी के दौरान आसनसोल उत्तर थाना अंतर्गत रेलपार इलाके में हुए गुटीय संघर्ष के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों – मोहम्मद कुर्बान, मोहम्मद बबलू, मोहम्मद नौशाद खान, मोहम्मद राजू तथा मोहम्मद इसराफिल को गिरफ्तार किया. सभी को शनिवार को आसनसोल महकमा कोर्ट में पेश किया. एसीजेएम कोर्ट ने उमनकी जमानत खारिज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
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