तरी मोहल्ला में आतंक बनी गारूई

Updated:
विज्ञापन

भारी बारिश होते ही घर में पानी घुसने के डर से कांपने लगता है कलेजा इस बारिश के दौरान दो बार आयी बाढ़, करना पड़ा घर छोड़ कर पलायन नदी की नियमित सफाई तथा जमीन अतिक्र मण रोकने की हो सरकारी पहल आसनसोल. गारूई नदी के जल स्तर के बढ़ने से पिछले सप्ताह रेलपार तरी […]

विज्ञापन
भारी बारिश होते ही घर में पानी घुसने के डर से कांपने लगता है कलेजा
इस बारिश के दौरान दो बार आयी बाढ़, करना पड़ा घर छोड़ कर पलायन
नदी की नियमित सफाई तथा जमीन अतिक्र मण रोकने की हो सरकारी पहल
आसनसोल. गारूई नदी के जल स्तर के बढ़ने से पिछले सप्ताह रेलपार तरी मोहल्ला के दर्जनों घर में पानी घुसा तथा लाखों का नुकसान हुआ. पीड़ितों का कहना है कि यदि इसका स्थायी समाधान न हुआ तो इस इलाके से पलायन का निर्णय लेना पड़ेगा. हर बरसात में नुकसान उठाना संभव नहीं है.
तरी मोहल्ला निवासी राहुल यादव ने कहा कि वे 17 वर्षो से यहां रह रहे हैं. गारूई नदी में दो बार आयी बाढ़ से इलाके में अफरा तफरी मच गयी. दो सौ से ज्यादा घरों में पानी घुस गया. पलंग, गद्दा, बिस्तर आदि सामान नष्ट हो गये. गारूई नदी बारिश के दिनों में आतंक बनती जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को गारूई नदी की सफाई करानी चाहिए. सफाई न होने से बारिश का अतिरिक्त पानी प्रवाह नहीं हो पाता और नदी किनारे लोगों के घरों मकानों में प्रवेश कर जाता है. जिससे लोगों को हर साल भारी परेशानी उठानी पडती है.
तरी मोहल्ला नयी बस्ती निवासी रवि कुमार दास ने कहा कि वर्षो से रह रहे हैं. कभी सोचा नहीं था कि ऐसी स्थिति होगी. अब हर साल बारिश में गारूई नदी में बाढ़ आती है. घर छोड़ कर दूसरों के यहां शरण लेनी पड़ती है.
रोगियों को काफी परेशानी होती है. इस बारिश में गारूई नदी का पानी घर में प्रवेश करने से कपडे, पंखा, इलेक्ट्रोनिक सामान, अटैची, अलमारी, बिस्तर, पलंग सब नष्ट हो गये. 22 से 25 हजार रूपये की आर्थिक क्षति हुई. उन्होंने कहा कि गारूई नदी संकरी हो गयी है. नदी किनारे काफी अवैध निर्माण हो जाने से नदी की चौड़ाई कम हो गयी है.नदी किनारे रहने वाले लोग अपने मकानों दुकानों का कूडा कर्कट नदी में ही फेंक देते हैं. जिससे गारूई नदी के तल में कई टन कूडा इकटठा हो गया है. जो बारिश के पानी को बहा नहीं पाता और बारिश का पानी निकलने के बजाय वहां रह रहे लोगों के घरो में प्रवेश कर जाता है.
तरी मोहल्ला काली मंदिर के निकट रहने वाले बजरंगी साव ने कहा कि पिछले 17 वर्षों से यहां रह रहे हैं. इस बार बारिश में गारूई नदी के पानी प्रवेश करने से घर में रखे सामान, इलेक्ट्रोनिक सामान, कॉपी किताब, अनाज, राशन डूब गये. छह से दस हजार रूपये की क्षति हुई. उन्होंने कहा कि गारूई नदी के किनारों को चौड़ा करना चाहिए और नदी की नियमित सफाई करनी चाहिए. नदी में फेंके जाने वाले कूड़ा और गंदे सामानों पर रोका जाना चाहिए.
नदी में गंदगी और कूडा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए.तरी मोहल्ला निवासी सुनील राम ने कहा कि पिछले 26 वर्षो से यहां रह रहे हैं. बरसात में इलाके में कोहराम मच जाता है. सभी के घरों में पानी चल जाता है. लोग घरों से भागने को विवश होते हैं. इस बार दो बार बाढ़ आयी. घर में कमर तक पानी भरा था. घर में रखा टीवी सेट, मिक्सर ग्राइंडर, लाइट, पंखा, डीवीडी, कपडे, सौफा, बिस्तर पानी में डूबा पडा था. 24 से 30 हजार रूपये की क्षति हुई. उन्होंने कहा कि वगर निगम प्रशासन तथा राज्य सरकार गारूई नदी को गंभीरता से ले. प्रशासन स्तर से नदी की नियमित सफाई की जानी चाहिए.
तरी मोहल्ला नयी बस्ती निवासी राजू शर्मा ने कहा कि हर बार बरसात में गारूई नदी का पानी रेलपार के नजदीकी घरों में प्रवेश कर जाता है. बच्चों, बुजुर्ग विशेषकर महिलाओं को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है. वे पिछले 35 वर्षो से यहां रह रहे हैं. बाढ़ में कपडा, सोफा, गद्दा, चादर, पलंग, कुछ इलेक्ट्रोनिक सामान नष्ट हो गये. कुल आठ से दस हजार रूपयों का नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने कहा कि गारूई नदी की नियमित सफाई होने से नदी के जल प्रवाह की क्षमता बढेगी और बारिश का अतिरिक्त पानी अपने साथ बहा ले जायेगी.
इसी मोहल्ले के निवासी कौशल प्रसाद सिन्हा ने कहा कि बाढ़ के पानी प्रवेश करने से कई सामान, कपड़े, बिस्तर, कुर्सी, टेबल डूब गये. चार से सात हजार रूपये का नुकसान हुआ. गारूई नदी और मोहल्ले की नालियों की सफाई की जाये. नियमित सफाई होने से गारूई नदी में पानी बह जायेगा. जिससे बाढ की स्थिति से बचा जा सकेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola