ट्रिजा राई हत्याकांड: दिल्ली पुलिस की भूमिका से परिवार वाले नाराज, दार्जिलिंग को पूर्वोत्तर काउंसिल में शामिल करने की मांग
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 May 2017 8:09 AM
सिलीगुड़ी. देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई व अन्य मेट्रो सिटी में गोरखा बालाओं के साथ हो दुष्कर्म जैसी घटनाएं बेहद निंदनीय और चिंताजनक है. इस प्रकार की घटनाओं को तभी रोक पाना संभव है,जब गोरखाओं की अपनी एक स्वतंत्र पहचान हो. यह बातें ऑल इंडिया किराती खंभू राई एसोसिएशन के नेताओं ने कही है. इसके […]
सिलीगुड़ी. देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई व अन्य मेट्रो सिटी में गोरखा बालाओं के साथ हो दुष्कर्म जैसी घटनाएं बेहद निंदनीय और चिंताजनक है. इस प्रकार की घटनाओं को तभी रोक पाना संभव है,जब गोरखाओं की अपनी एक स्वतंत्र पहचान हो. यह बातें ऑल इंडिया किराती खंभू राई एसोसिएशन के नेताओं ने कही है.
इसके साथ ही इस संगठन ने दार्जिलिंग को भी पूर्वोत्तर काउंसिल में शामिल करने की मांग की है. इनका कहना है कि कुछ दिनों पहले ही कांलिम्पोंग की एक युवती ट्रिजा राई की मौत दिल्ली में हुई है. पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है. जबकि ऐसी बात नहीं है. यह हत्या का मामला है. युवती के माता-पिता भी इसे हत्या बता रहे हैं. हांलाकि इस मामले में उसके साथी मनु गोपाल (27) की गिरफ्तारी भी हुयी है.
सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया किराती खंभू राई एसोसिएशन की उपाध्यक्ष बंदना राई ने राज्य व केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गोरखा युवतियों व महिलाओं की सुरक्षा के लिये सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है. कालिम्पोंग की एक युवती की हत्या दिल्ली में कर दी गयी. उसका शव उसके घर तक आया.इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन से परिवार वालों की कोई मदद नहीं की गयी. स्थानीय प्रशासन से सहायता की मांग पर करीब दो घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया गया. उसके बाद भी जिले के प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित परिवार का हाल पूछने तक नहीं आये. देश की राजधानी या अन्य शहरों में रहने वाले गोरखाओं की सुरक्षा के लिये कोई पहल नहीं की गयी है. ट्रिजा राई के मौत के संबंध में बताते हुए उन्होंने कहा कि होटल मैनेजमैंट का कोर्स कर वह दिल्ली में ट्रेनिंग कर रही थी.
वहीं उसकी मुलाकात हिमाचल प्रदेश निवासी मनु गोपाल से हुयी. सात मई को उसी मनु गोपाल ने उसकी हत्या कर दी. पुलिस इस वारदात को आत्म हत्या साबित करना चाह रही है. काफी दबाव बनाने के बाद पुलिस ने 11 को प्राथमिकी दर्ज की. उसके बाद आरोपी मनु गोपाल को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने आगे बताया कि नॉर्थ इस्ट के मामलों को देखने के लिये दिल्ली में एक सेल बनाया गया है. लेकिन दार्जिलिंग, कालिम्पोंग पूर्वोत्तर काउंसिल में नहीं है. इसलिए उस सेल से कोई मदद नहीं मिलती है. सिक्किम, मिजोरम आदि की युवतियों या महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की घटना होती है तो स्थानीय प्रशासन द्वारा मदद की जाती है. दार्जिलिंग या कालिम्पोंग की गोरखाओं के साथ बाहर काई घटना हो तो कोई मदद नहीं की जाती.
बंदना राई ने आगे कहा कि दिल्ली जैसे शहर में गोरखाओं की काफी संख्या है.लेकिन अभी भी हम अपनी पहचान को तरस रहे हैं. दिल्ली में राज्य सरकार द्वारा रेसिडेंट कमिश्नर या बंगाल हाउस तैयार कराना चाहिए. ऐसा नहीं होता है तो नॉर्थ इस्ट सेल को दार्जिलिंग, कालिम्पोंग के लोगों की भी मदद करनी चाहिए. पत्रकार सम्मेलन में उपस्थित मृत ट्रिजा राई के बड़े भाई जॉर्ज व मां ने कालिम्पोंग प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाते हुए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मदद की गुहार लगायी. उन्होंने कहा कि आरोपी को सख्त सजा होनी चाहिए.
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