गढ़वा: आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर प्रशासन सक्रिय, 29 मई को होगी बैठक

Published by : Sweta Vaidya Updated At : 15 May 2026 11:40 AM

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बैठक में डीडीसी

Garhwa News: गढ़वा में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और योजनाओं से मिलने वाले फायदे की जानकारी देने के लिए 29 मई को विशेष बैठक आयोजित की जाएगी. 

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गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिला समाहरणालय में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में ‘आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास एवं स्क्रीनिंग समिति की बैठक पूरी हुई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुए पूर्व नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति का फायदा समय से दिलाना है.

29 मई को होगी विशेष बैठक 

बैठक में निर्णय लिया गया कि लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और उनके आश्रितों को देय लाभों की जानकारी देने के लिए आगामी 29 मई को एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में लंबित मामलों के निराकरण के लिए गहन सत्यापन किया जाएगा. सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 29 मई की बैठक में पूर्व नक्सलियों और उनके आश्रितों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें समय रहते सूचित करें. 

लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश 

उप विकास आयुक्त ने पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले अलग-अलग लाभों के लंबित कामों को जल्द पूरा करने को कहा है. इसके तहत  पुनर्वास अनुदान और घोषित पुरस्कार राशि का भुगतान, परिवार के सदस्यों का जीवन बीमा. शिक्षा और प्रशिक्षण,  व्यावसायिक प्रशिक्षण और बच्चों के लिए शिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति. भूमि आवंटन और सरकारी आवास योजना का लाभ. दर्ज कांडों में पैरवी के लिए अधिवक्ता शुल्क का भुगतान. 

कई अधिकारी रहे मौजूद 

बैठक में प्रभारी पदाधिकारी (सामान्य शाखा) सुशील कुमार राय ने वर्तमान स्थिति की जानकारी साझा की. इसके अलावा अभियान एसपी आर.डी. बड़ाईक, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, एलडीएम और डीपीएम (जेएसएलपीएस) समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे.

क्या है पुनर्वास नीति का उद्देश्य?

नक्सली आत्मसमर्पण नीति का मूल उद्देश्य हथियारबंद विद्रोहियों को हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जोड़ना है. सरकार इसके तहत उन्हें रोजगार, शिक्षा, और वित्तीय सुरक्षा देती है जिससे वे एक सम्मानजनक जीवन जी सके.

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लेखक के बारे में

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श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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