चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में 70 लाख की थी सुपारी, ‘सिग्नल’ ऐप पर साजिश रचने की आशंका

Author Ashish Jha
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West Bengal News

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Chandranath Rath murder case: चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश करीब एक महीने पहले ही रची गयी थी. घटना के अगले दिन इलाके में एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पड़ी मिली थी, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद किया.

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Chandranath Rath murder case: कोलकाता. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने जांच और तेज कर दी है. छह मई को हुई इस सनसनीखेज हत्या के पीछे एक सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें कथित तौर पर 70 लाख रुपये की सुपारी दिये जाने की बात सामने आ रही है, जो तफ्तीश का अहम हिस्सा माना जा रहा है. जांच में आशंका जतायी जा रही है कि हत्या की साजिश करीब एक महीने पहले ही रची गयी थी और इसके लिए ‘सिग्नल’ ऐप (मैसेजिंग एप) का इस्तेमाल किया गया.

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अब तक तीन आरोपित गिरफ्तार

सूत्रों के अनुसार, पूरे ऑपरेशन को एक तथाकथित बड़ा मास्टरमाइंड नियंत्रित कर रहा था, जिसने ही यह तय किया कि चंद्रनाथ रथ को कब और कैसे मारा जायेगा. इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआइ मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. उसकी तलाश में अन्य कुछ राज्यों में भी छापेमारी जारी है. हालांकि, जांच के बाबत सीबीआइ की ओर से आधिकारिक तौर पर फिलहाल कुछ नहीं बताया गया है.

एसआइटी कर रही जांच

सीबीआइ ने इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच के लिए डीआइजी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित किया है. गुरुवार को भी अधिकारियों की जांच टीम बारासात पहुंची थी, जहां 11 से 12 नंबर रेलगेट के बीच घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया. जिस जगह से हत्या में इस्तेमाल की गयी मोटरसाइकिल बरामद हुई थी, वहां डिजिटल मैपिंग और वीडियोग्राफी करायी गयी. आसपास के घरों और दुकानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. घटना के दिन चंद्रनाथ रथ के वाहन को रोककर उनपर गोलियां बरसायी गयीं थी.

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पेशेवर शूटरों ने दिया घटना को अंजाम

गिरफ्तार आरोपियों में राज सिंह का नाम प्रमुख है, जो उत्तर प्रदेश के बलिया का निवासी है. वहीं, अन्य दो आरोपी मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य को बिहार के बक्सर से पकड़ा गया है. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पेशेवर शूटरों द्वारा अंजाम दी गयी सुपारी किलिंग है, जिसमें कम से कम आठ लोगों की संलिप्तता हो सकती है. अब सीबीआइ का फोकस इस बात पर है कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी थी या कोई बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र. मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले की असली वजह सामने आने की उम्मीद है.

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