नोटबंदी के दौरान जमा 49 हजार रुपये गायब

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Apr 2017 8:56 AM

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जलपाईगुड़ी: बैंक खाते में पैसा जमा करने के बाद भी पासबुक में उसे दर्ज नहीं किया गया है. इतना ही नहीं, खाते से भी पैसे गायब हो गये हैं. यह पैसे नोटबंदी के समय हजार तथा पांच सौ के नोट के रूप में जमा कराये गये थे. बार-बार बैंक अधिकारियों से गुहार लगाने का भी […]

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जलपाईगुड़ी: बैंक खाते में पैसा जमा करने के बाद भी पासबुक में उसे दर्ज नहीं किया गया है. इतना ही नहीं, खाते से भी पैसे गायब हो गये हैं. यह पैसे नोटबंदी के समय हजार तथा पांच सौ के नोट के रूप में जमा कराये गये थे. बार-बार बैंक अधिकारियों से गुहार लगाने का भी कोई लाभ नहीं हुआ. बाध्य होकर एक गृहिणी ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज करायी है. जलपाईगुड़ी के सुभाष उन्नयनपल्ली की रहने वाली नारायणी दास ने बताया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य ब्रांच में उनका बचत खाता है. नोटबंदी के समय 12 नवंबर को उन्होंने 49 हजार रुपये के पुराने नोट जमा कराये थे.
उसके बाद 13 नवंबर को फिर उन्होंने 49 हजार रुपये जमा करा दिये. वह जब अपना पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंची, तो वहां 12 नवंबर को जमा कराये गये 49 हजार रुपये तो दर्ज हैं, लेकिन 13 नवंबर को जमा कराये गये 49 हजार रुपये का कोई अता-पता नहीं है. उनके खाते में भी सिर्फ 49 हजार रुपये ही जमा हुए हैं.

तब से लेकर अब तक वह कई बार बैंक अधिकारियों का चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ है. करीब चार महीने बीत जाने के बाद भी बैंक ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की. बाध्य होकर उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करा दी है. उन्होंने पूरे रुपये वापस करने की मांग की है. नारायणी दास के पति स्वामी रविदास एक व्यापारी हैं. उन्होंने करीब एक लाख रुपये अपने घर में जमा रखे थे. अचानक नोटबंदी हो जाने से वह परेशानी में पड़ गये. उन्होंने अपनी पत्नी को दो किश्तों में पुराने नोटों को बैंक खाते में जमा करने के लिए भेजा. आज उनके अपने ही पैसे का अता-पता नहीं है.

क्या कहते हैं चीफ मैनेजर
इस संबंध में स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर विद्यासागर प्रसाद ने कहा है कि लिंक फेल होने की वजह से यह घटना घटी है. इस महीने की 20 से 25 तारीख के अंदर नारायणी दास के खाते में 49 हजार रुपये जमा करा दिये जायेंगे. तीन और ग्राहकों के साथ भी इसी प्रकार की घटना घटी है. उनकी शिकायतें दूर कर दी गई है. नारायणी दास की शिकायत भी दूर कर दी जायेगी.
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