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Maghi Purnima 2024 : संगम में 25 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब

Updated at : 24 Feb 2024 2:17 PM (IST)
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Maghi Purnima 2024 : संगम में 25 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब

Maghi Purnima 2024

Maghi Purnima 2024 : प्रयागराज में चल रहे माघ मेले का आज 5वां प्रमुख स्नान पर्व माघी पूर्णिमा है. मेला प्रशासन की ओर से जारी बुलेटिन में बताया गया कि माघी पूर्णिमा पर शनिवार सुबह 12.00 बजे तक करीब 25 लाख 50 हजार लोगों ने स्नान किया है.

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Maghi Purnima 2024 : हिंदू धर्म के अनुसार प्रयागराज में चल रहे माघ मेले का आज 5वां प्रमुख स्नान पर्व माघी पूर्णिमा है. यही कारण है कि संगम में शुभ योग में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए गंगा, यमुना और सरस्वती के घाटों पर पहुंचे हैं. यहां श्रद्धालु तड़के सुबह से ही स्नान और दान कर रहे हैं. मेला प्रशासन की ओर से जारी बुलेटिन में बताया गया कि माघी पूर्णिमा पर शनिवार सुबह 12.00 बजे तक करीब 25 लाख 50 हजार लोगों ने स्नान किया है. श्रद्धालु मां गंगा को दीपदान भी कर रहे हैं. प्रशासन की तरफ से यहां 12 घाट बनाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु आसानी से स्नान कर सकें. वहीं सुरक्षा की दृष्टि से घाटों से लेकर पूरे मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है. संगम नोज पर सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ है. मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर आज प्रतिबंध लगाया गया है. शहर के बाहर ही बड़े वाहनों को रोक दिया जा रहा है. साथ ही भीड़ से बचने के लिए पहले से ही यातायात पुलिस की ओर से रूट डायवर्जन लागू किया गया है. बता दें कि सनातन धर्म के अनुसार माघ पूर्णिमा प्रमुख स्नान पर्वों में एक है. मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन देवता भी संगमनगरी प्रयागराज की पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान-दान करने आते हैं. इस दिन संगम में स्नान करने से मनोकामनाएं पूरी होने के साथ मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन मंदिरों और घरों में श्री सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने और व्रत रखने का भी विधान है. यह कथा सूर्योदय से लेकर दोपहर 2.30 बजे तक करना चाहिए.

जानें क्यों खास है माघी पूर्णिमा

माघी पूर्णिमा के दिन माघ नक्षत्र और गजकेसरी योग है, जो बहुत ही फलदायी है. इसे राजयोग की तरह माना जाता है. माघ पूर्णिमा पर इस बार मंगल और शुक्र का समायोग होगा. इसलिए दोनों ग्रह काफी नजदीक दिखाई देंगे. इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु और चंद्रमा की पूजा करने से सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है. 23 फरवरी की दोपहर करीब 3.00 बजे से ही माघ पूर्णिमा शुरू हो गई. यह 24 फरवरी की शाम 4.57 बजे समाप्त होगी. स्नान और दान का शुभ मुहूर्त भोर 4.51 बजे से शाम 4.57 बजे तक है.

मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बता दें कि मेला क्षेत्र में पीएसी की 10 कंपनियों के साथ ही एटीएस के कमांडो भी कैंप कर रहे हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आरएएफ को भी मुस्तैद किया गया है. आरएएफ की दो टीमों ने मेला क्षेत्र में मोर्चा संभाल लिया है. मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चार एडिशनल एसपी के साथ ही कुल 19 सीओ की तैनाती की गई है. छह सीओ स्तर के अधिकारियों की संख्या बढ़ाई गई है. इसके अलावा कमांड सेंटर में भी लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है. यहां शिफ्ट बनाकर 24 घंटे पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. जो मेला क्षेत्र में लगे 300 CCTV कैमरों से मिलने वाली लाइव फीड के जरिए निगरानी कर रहे हैं.

चलाई जा रही हैं 10 स्पेशल ट्रेनें

श्रद्धालुओं की माघी पूर्णिमा स्नान पर भीड़ देखते हुए रेलवे ने 10 स्पेशल ट्रेन चलाई है. यूपी रोडवेज ने 1500 बसें लगाई हैं. साथ ही प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर और प्रयागराज-बीकानेर एक्सप्रेस का दोनों ओर से सूबेदारगंज स्टेशन पर स्टॉपेज होगा. माघी पूर्णिमा के मौके पर रेलवे ने प्रयागराज रामबाग और झूंसी रेलवे स्टेशन पर सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव का फैसला लिया है. शुक्रवार की रात 12.00 बजे से प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड से यात्रियों को प्रवेश नहीं मिलेगा. इस दौरान सिविल लाइंस साइड से सिर्फ यात्रियों की निकासी होगी.

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Sandeep kumar

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By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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