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अमेठी-रायबरेली पर सपा-कांग्रेस में बनी सहमति, 8-2 के फॉर्मूले पर तय हुई बात

Updated at : 02 Feb 2017 6:30 PM (IST)
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अमेठी-रायबरेली पर सपा-कांग्रेस में बनी सहमति, 8-2 के फॉर्मूले पर तय हुई बात

लखनऊ: सत्तारूढ दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गांधी परिवार के गढ़ माने जाने वाली अमेठी और रायबरेली की सीटों पर चल रही रस्‍साकशी पर विराम लगता नजर आ रहा है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 में से आठ सीटें कांग्रेस को देने पर सपा ने सहमति जता दी है. यहां बता […]

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लखनऊ: सत्तारूढ दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गांधी परिवार के गढ़ माने जाने वाली अमेठी और रायबरेली की सीटों पर चल रही रस्‍साकशी पर विराम लगता नजर आ रहा है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 में से आठ सीटें कांग्रेस को देने पर सपा ने सहमति जता दी है. यहां बता दें कि पिछले बार यहां की 10 में से आठ सीटों पर सपा ने कब्जा जमाया था.

इस बार भी सपा इन्‍हीं सीटों पर लड़ने पर अड़ी नजर आ रही थी लेकिन गठबंधन होने के बाद कांग्रेस इनमें से अधिकांश सीटों पर लड़ने की इच्‍छा जता चुकी थी. हालांकि इस मसले पर लगातार जारी गतिरोध के बाद दोनों पक्षों ने हाल में ही नरमी के संकेत दे दिये थे. गत रविवार को संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी ने अखिलेश यादव की उपस्थिति में कहा था कि ये कोई गंभीर मतभेद नहीं है. मामले को आसानी से सुलझा लिया जाएगा.

यदि यहां प्रतिष्ठित अमेठी विधानसभा सीट की बात करें तो यहां की तस्वीर फिलहाल साफ नहीं है. दरअसल, पिछली बार सपा ने इस सीट से गायत्री प्रसाद प्रजापति को उतारा था और इस सीट को अपने पक्ष में रखने में सफल रही थी. इस सीट पर जीत का फायदा प्रजापति को मिला और वह एक साल के भीतर ही तीन प्रमोशन पाकर कैबिनेट मंत्री बन गए.

सपा सरकार के पांच सालों के सफर पर नजर डालें तो इससे साफ नजर आता है कि अखिलेश यादव प्रजापति को पसंद नहीं करते हैं. प्रजापति को मुलायम का बेहद करीबी माना जाता है, इसलिए अखिलेश द्वारा कैबिनेट से बर्खास्‍त होने के बाद भी उनकी वापसी हो गई.

गौर हो कि मुलायम सिंह और शिवपाल यादव की पहली सूची में अमेठी से गायत्री प्रसाद प्रजापति का ही नाम था, हालांकि उस वक्त पार्टी में झगड़े का दौर चल रहा था. सपा में सुलह होने के बाद मुलायम ने फिर अपने 38 समर्थकों की सूची अखिलेश को दी, जिसमें भी गायत्री प्रसाद प्रजापति का नाम अंकित किया गया था.

जानकारों की माने तो मुलायम यह मानते हैं कि गांधी परिवार के गढ़ अमेठी से प्रजापति ने जीत हासिल कर बड़ा काम किया. इसलिए उनको सम्‍मान देने में कमी नहीं होनी चाहिए. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इस सीट पर अमेठी के राजा संजय सिंह की पत्‍नी अमिता सिंह को मैदान में उतारना चाहती है.

उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र की सीटों पर चौथे और पांचवें चरण में मतदान होगा.

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