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Fact Check: CAA के खिलाफ प्रदर्शन का पुराना Video हालिया संभल हिंसा से जोड़कर वायरल

Updated at : 12 Dec 2024 7:36 PM (IST)
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Fact Check: CAA के खिलाफ गोरखपुर में हुए एक प्रदर्शन के पुराने Video को हाल में हुई संभल हिंसा से जोड़कर वायरल किया जा रहा है. फैक्ट चेक में यह दावा फर्जी निकला.

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Fact Check By The Quint, Published By प्रभात खबर (prabhatkhabar.com)

Fact Check|Viral Video|सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें कुछ पुलिसकर्मी लोगों को लाठियों से पीट रहे हैं. इसे शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हालिया हिंसा के हैं.

इस पोस्ट का अर्काइव यहां देखें. (सोर्स – फेसबुक)

(इसी तरह के दावों के अन्य आर्काइव यहां और यहां देखे जा सकते हैं. )

क्या यह दावा सच है?: नहीं, यह दावा झूठा है.

  • यह वीडियो 2019 का है, जब यूपी के गोरखपुर में पुलिस और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का विरोध कर रहे लोगों के बीच झड़प हुई थी.

हमें क्या मिला? : हमने इस वीडियो को कई कीफ्रेम्स में बांट दिया और Google पर रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें 20 दिसंबर 2019 को एक न्यूज वेबसाइट लाइव हिंदुस्तान का Youtube वीडियो मिला.

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने CAA विरोधी प्रदर्शन के दौरान गोरखपुर के नखास चौक पर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया था.
  • आप वायरल क्लिप में इस्तेमाल की गई वीडियो 0:57 सेकेंड से देख सकते हैं.
  • ETV Bharat ने भी इस घटना पर रिपोर्ट की है, जिसमें बताया गया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया था.
  • यह घटना शुक्रवार की नमाज के बाद मस्जिद से निकलकर CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे नमाजियों के नखास इलाके में इकठ्ठा होने के बाद हुई थी.
रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट यहां देखें, (सोर्स – स्क्रीनशॉट/etv bharat)

हमने Google Maps पर भी लोकेशन की जांच की जिसमें हमें एक ऐसी जगह मिली जो वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली दुकानों में से एक से मेल खाती थी.

दोनों के बीच समानताएं यहां देखी जा सकती हैं. (सोर्स – altered by the quint)

क्विंट ने पहले भी 2021 और 2022 में इस वीडियो का फैक्ट-चेक किया था, जब इसे क्रमशः जम्मू-कश्मीर और कानपुर का बताकर शेयर किया जा रहा था.

संभल में क्या हुआ?: संभल में हुई गोलीबारी में पांच मुस्लिम व्यक्तियों की मौत हो गई थी, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शाही जामा मस्जिद के सर्वे का विरोध किया था. सर्वे का आदेश एक सिविल न्यायालय ने एक याचिका के जवाब में दिया था, जिसमें कहा गया था कि इस मस्जिद में कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था.

  • FIR में 2,500 से ज्यादा अज्ञात लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से कम से कम 500 नाबालिग हैं और उन पर गंभीर अपराधों का आरोप लगाया गया है.
  • समाजवादी पार्टी (SP) से संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क का नाम एकता चौकी पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में दर्ज किया गया है. संभल के विधायक और एसपी नेता इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल का भी नाम FIR में दर्ज है.
  • द क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नेताओं पर हिंसा भड़काने का आरोप है.

निष्कर्ष: एक पुराने वीडियो को हालिया संभल हिंसा से जोड़कर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.

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(डिस्क्लेमर : इस खबर का फैक्ट चेक द क्विंट ने किया है. प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) ने शक्ति कलेक्टिव के साथ भागीदारी के तहत इस फैक्ट चेक को हू-ब-हू पुनर्प्रकाशित किया है.)

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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