धरनास्थल से ऐसे पल्लवी पटेल को उठाकर ले गई पुलिस, देखें वीडियो

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 11 Feb 2026 8:57 AM

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सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल हिरासत में (Photo: X)

UGC Equity Regulations : अपना दल (K) के नेता नियमों के समर्थन में पैदल मार्च कर रहे थे. यह मार्च आईटी कॉलेज चौराहे से शुरू होकर विधानसभा की ओर जा रहा था, जहां उस समय यूपी सरकार का बजट सत्र चल रहा था.

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UGC Equity Regulations : यूपी की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को हजरतगंज इलाके में पुलिस ने अपना दल (कमेरावादी) की नेता और सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल को हिरासत में लिया. वे UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर मार्च कर रही थीं. नेता नियमों के समर्थन में आईटी कॉलेज चौराहे से विधानसभा की ओर पैदल मार्च कर रही थीं, जहां बजट सत्र चल रहा था. मार्च जब रिजर्व पुलिस लाइंस के पास पहुंचा तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया. बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस और विधायक के बीच धक्का-मुक्की हो गई. इसके बाद सड़क पर धरना शुरू कर दिया गया.

पुलिस ने पल्लवी पटेल को धरना खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने जाने से इनकार कर दिया. इसके बाद पुलिस ने उन्हें और पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया. इस दौरान आईटी कॉलेज चौराहे और आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए ट्रैफिक प्रभावित रहा.

पल्लवी पटेल को ले जाती पुलिस

पल्लवी पटेल ने वीडियो शेयर किया

पल्लवी पटेल ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू कराने तक पूरे प्रदेश में चलेगा आंदोलन. वीडियो में नजर आ रहा है कि पुलिस उन्हें उठाकर गाड़ी में डाल रही है. उनके समर्थक इसका विरोध कर रहे हैं. एक अन्य वीडियो विरोध मार्च का उन्होंने शेयर किया.

यह एक जनहित का मुद्दा : पल्लवी पटेल

मीडिया से बात करते हुए पल्लवी पटेल ने कहा कि हम सड़कों पर सिर्फ विरोध करने नहीं आए हैं, यह एक जनहित का मुद्दा है. हम सरकार से जवाब चाहते हैं. समानता को बढ़ावा देने वाले UGC नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और संसदीय समिति की सिफारिश पर लाए गए थे. फिर समाज के एक वर्ग के विरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें खुद संज्ञान लेकर क्यों रोक दिया?

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उन्होंने आगे कहा कि अगर इस नियम में कमियां हैं तो जीएसटी, नोटबंदी और अनुच्छेद 370 जैसे फैसले रातों-रात कैसे लागू हो गए? क्या उनमें कोई कमी नहीं थी? हर कानून में सुधार की गुंजाइश रहती है, फिर इसे क्यों रोका गया? यह नियम लागू किया जाना चाहिए.

एक यूजर ने यह वीडियो शेयर किया

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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