राम मंदिर ट्रस्ट के सामने नई चुनौती, दान में चोरी की जांच के बीच 20 गिनती कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा

राम मंदिर में दान की गिनती करने वाले 50 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारियों ने 'काम का बोझ बढ़ने' की वजह से इस्तीफा दिया.
Ram Mandir offering theft case : अयोध्या के राम मंदिर में दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों के इस्तीफे ने ट्रस्ट की चिंता बढ़ा दी है. कथित चंदा चोरी की जांच के बीच, बढ़े हुए कार्यभार का हवाला देकर बड़ी संख्या में कर्मचारी नौकरी छोड़ रहे हैं, जिससे व्यवस्थाओं पर संकट मंडरा रहा है.
Ram Mandir offering theft case : अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों के इस्तीफों ने ट्रस्ट की चिंता बढ़ा दी है. पीटीआई न्यूज एजेंसी में कथित चंदा चोरी के मामले की जांच के बीच 50 प्रतिशत से अधिक चढ़ावा गितनी करने वाले कर्मचारियों ने इस्तीफा दे दिया है. इसके चलते दान की गिनती का पूरा सिस्टम प्रभावित होने लगा है और ट्रस्ट के सामने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है.
जांच के बाद लगातार घटती गई कर्मचारियों की संख्या
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहले दान की रकम की गिनती के लिए करीब 40 कर्मचारी तैनात थे, लेकिन कथित चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद कई कर्मचारियों ने नियमित रूप से आना बंद कर दिया. शुरुआत में रोजाना केवल 15 से 20 कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंच रहे थे. अब करीब 20 कर्मचारियों के इस्तीफा देने के बाद गिनती करने वालों की संख्या घटकर लगभग एक दर्जन रह गई है.
'काम बढ़ गया' बताकर दिया इस्तीफा
राम मंदिर में दान की रकम की गिनती करने कर्मचारियों ने अपने इस्तीफे पत्र में लिखा है कि बढ़े हुए कार्यभार के कारण मानसिक तनाव बढ़ गया है और मंदिर में कथित चोरी के मामले के बाद दान के पैसे की गिनती की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त और लंबी हो गई है. हर चरण में अतिरिक्त जांच और सत्यापन के कारण काम का दबाव काफी बढ़ गया, जिससे कर्मचारियों के लिए जिम्मेदारी निभाना मुश्किल हो गया.
पुरानी घटना का असर अब भी बरकरार
कुछ समय पहले राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हुई थीं. इसी के बाद दान गिनने की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी शुरू की गई. अब कर्मचारियों के लगातार इस्तीफों ने यह साफ कर दिया है कि उस पुराने विवाद का असर अभी भी खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में ट्रस्ट के सामने पारदर्शिता बनाए रखते हुए नई टीम तैयार करना और दान गिनती की व्यवस्था को सामान्य करना चुनौती बन गया है.
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