लखीमपुर खीरी पर राजनीति: शिव सेना ने की प्रियंका की तारीफ, कहा- इंदिरा गांधी जैसा है जज्बा

Politics on Lakhimpur Kheri incident: ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया है कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी में ठीक वैसा ही जोश और उत्साह है, जैसा उनकी दिवंगत दादी इंदिरा गांधी में था.
मुंबई: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी मामले पर राजनीति जारी है. शिव सेना लगातार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार पर हमलावर है. साथ ही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की तारीफ करने में भी सबसे आगे है. राहुल गांधी से संजय राउत ने नयी दिल्ली में मंगलवार को मुलाकात की. बुधवार को ‘सामना’ में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की तारीफ की गयी. कहा कि प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी के जैसा ही जज्बा है.
‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया है कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी में ठीक वैसा ही जोश और उत्साह है, जैसा उनकी दिवंगत दादी इंदिरा गांधी में था. शिव सेना ने लखमीपुर खीरी जिले में हिंसा में मारे गये किसानों के परिवार के सदस्यों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव को हिरासत में लेने के लिए बीजेपी और उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की.
शिव सेना के मुखपत्र में एक संपादकीय में पार्टी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पंजाब समकक्ष चरणजीत सिंह चन्नी को लखमीपुर खीरी जाने से रोकने पर पूछा कि क्या भारत-पाकिस्तान जैसी कोई दुश्मनी थी? देश के संघीय ढांचे में इसे ‘अजीब घटना’ करार दिया.
मराठी दैनिक में लिखा गया है- ‘चूंकि वह (प्रियंका गांधी) कांग्रेस पार्टी की महासचिव हैं, उन पर राजनीतिक हमला हो सकता है, लेकिन वह महान नेता इंदिरा गांधी की पोती भी हैं, जिन्होंने देश के लिए महान बलिदान दिया और पाकिस्तान (बांग्लादेश में) का विभाजन किया. जिन लोगों ने उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया था, उन्हें इस बात से अवगत होना चाहिए था.’
शिव सेना ने कहा कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश प्रशासन से तीखे सवाल किये कि उनका अपराध क्या था और उन्हें हिरासत में लेने के लिए क्या उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया था. या उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी. संपादकीय में आरोप लगाया गया कि (उत्तर प्रदेश) प्रशासन ने न सिर्फ उन्हें रोका, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की भी की गयी.
इसमें कहा गया, ‘प्रियंका गांधी एक निर्भीक नेता एवं योद्धा हैं. उनकी आंखों और आवाज में इंदिरा गांधी जैसा ही जज्बा है.’ मंगलवार को, प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें सीतापुर में पीएसी परिसर में अवैध रूप से रखा जा रहा था, उन्हें कोई नोटिस या प्राथमिकी नहीं दी गयी, और उन्हें अपने वकील से मिलने की अनुमति नहीं दी गयी.
अधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने शांति भंग होने की आशंका के कारण उनके और 10 अन्य लोगों के खिलाफ एहतियातन हिरासत से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. शिवसेना ने दावा किया कि प्रियंका गांधी का ‘अपमान’ किया गया. मराठी समाचार-पत्र ने कहा कि अगर यह महाराष्ट्र में भाजपा की किसी महिला कार्यकर्ता के साथ हुआ होता, तो पार्टी अपनी महिला स्वयंसेवियों की पूरी फौज खड़ी कर देती.
Posted By: Mithilesh Jha
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