ePaper

बहराइच में लॉकडाउन को सफल बनाने के लिये महिलाओं ने संभाला मोर्चा, गांव के प्रवेश द्वार किया बंद

Updated at : 18 Apr 2020 8:59 PM (IST)
विज्ञापन
बहराइच में लॉकडाउन को सफल बनाने के लिये महिलाओं ने संभाला मोर्चा, गांव के प्रवेश द्वार किया बंद

कोरोना वायरस से निपटने निपटने और लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवान दिन-रात काम कर रहे हैं, ऐसे में उनकी मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश में बहराइच के एक मोहल्ला में महिलाओं ने बंद को सफल बनाने के लिए स्वयं मोर्चा संभाला हुआ है. शहर के अकबरपुरा मोहल्ले की महिला स्वयंसेवकों ने अवरोधक लगाकर नोटिस चिपका दिए हैं.

विज्ञापन

बहराइच. कोरोना वायरस से निपटने निपटने और लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवान दिन-रात काम कर रहे हैं, ऐसे में उनकी मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश में बहराइच के एक मोहल्ला में महिलाओं ने बंद को सफल बनाने के लिए स्वयं मोर्चा संभाला हुआ है. शहर के अकबरपुरा मोहल्ले की महिला स्वयंसेवकों ने अवरोधक लगाकर नोटिस चिपका दिए हैं. मोहल्ले में ना तो घरों से लोगों को अनावश्यक निकलने दिया जा रहा है और ना ही बाहरी लोगों को प्रवेश करने दिया जा रहा है. अकबरपुरा वार्ड के सभासद अफसर अली अपनी पत्नी एवं पूर्व सभासद फैबीना अफसर के साथ इस काम का नेतृत्व कर रहे हैं. जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष फिरदौस आलम अपनी पत्नी एवं किसान महाविद्यालय की प्रवक्ता डा. गजाला के साथ इस काम में महिला स्वयंसेवकों की मदद कर रहे हैं.

सभासद अफसर अली ने कहा, “मोहल्ले की महिलाओं ने दो- दो घंटे ड्यूटी चार्ट बनाकर चौकीदारी की कमान सफलतापूर्वक संभाल रखी है. मोहल्ले के प्रवेश द्वार बनाकर बेवजह आने वालों को रोका जा रहा है. सब्जी, फल, दवा, दूध एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के विक्रेताओं के आने का समय निर्धारित किया गया है. निर्धारित समय पर सरकारी पासधारी विक्रेताओं को ही मोहल्ले में आने की अनुमति है. यहां दिन में महिलाओं ने जिम्मा संभाल रखा है और रात को पुरुष जिम्मेदारी निभा रहे हैं. कांग्रेस नेता फिरदौस आलम ने कहा, मोहल्ले के चार प्रवेश मार्गों में से तीन स्थाई रूप से बंद कर दिये गये हैं तथा एक मार्ग पर अवरोधक लगाकर प्रतिबंधित प्रवेश दिया जाता है.

डा. गजाला ने कहा,”हम मोहल्लावासी सामाजिक दूरी का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं. हालांकि पुलिस भी बीच में आकर अपना फर्ज निभा रही है और हमें सुरक्षा का एहसास दिला रही है, लेकिन सामाजिक दूरी बनाए रखने का पालन कराने के लिए पुलिस को यहां मशक्कत नहीं करनी पड़ रही. फैबीना अफसर ने कहा, हमें अपने इलाके को बंद की नजीर बनाना है. शहरों, कस्बों एवं गांवों के लोग यदि इसी प्रकार अपने- अपने इलाकों की जिम्मेदारी ले लें तो प्रशासन को अन्य लोक हितकारी काम करने के लिए अधिक समय मिल जाएगा.

हमारे मोहल्ले के मंदिर एवं मस्जिदें बंद हैं. लोग अपने घरों में ही पूजा- पाठ या नमाज अदा कर रहे हैं. मोहल्ले की महिलाओं ने कहा, “कोरोना वायरस संक्रमण एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है. इसकी रोकथाम हो सके, इसके लिए मोहल्ले में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए मुख्य द्वार पर अवरोधक लगाए गए हैं.

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola