गोरखपुर में मेडिकल माफिया पर डॉ अभिषेक यादव की 100 करोड़ की संपत्ति सीज, जानें पूरा मामला

प्रशासन ने शुक्रवार की सुबह से अब तक 50 करोड़ की तीन संपत्ति जप्त और कुर्क की है. इसके साथ ही अलग-अलग बैंकों में स्थित 15 से अधिक बैंक खातों के संचालन पर भी डीएम ने रोक लगा दी है. बिना मान्यता के नर्सिंग कॉलेज में छात्रों का प्रवेश लेकर जालसाजी के आरोप में डॉक्टर अभिषेक यादव जेल में है.
Gorakhpur News: पूर्वांचल के सबसे बड़े मेडिकल माफिया के खिलाफ शुक्रवार को गोरखपुर में बड़ी कार्रवाई हुई है. गैंगस्टर एक्ट के तहत राज नर्सिंग कॉलेज एंड पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक गैंगस्टर डॉक्टर अभिषेक यादव उनकी पत्नी और बहन की 100 करोड़ की संपत्ति को जप्त किया गया है. प्रशासन ने शुक्रवार की सुबह से अब तक 50 करोड़ की तीन संपत्ति जप्त और कुर्क की है. इसके साथ ही अलग-अलग बैंकों में स्थित 15 से अधिक बैंक खातों के संचालन पर भी डीएम ने रोक लगा दी है. बिना मान्यता के नर्सिंग कॉलेज में छात्रों का प्रवेश लेकर जालसाजी के आरोप में डॉक्टर अभिषेक यादव उनकी पत्नी समेत पांच आरोपी इस समय जेल में है.
गोरखपुर एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि कॉलेज संचालक ने बिना मान्यता कॉलेज चलाते हुए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया. मोटी रकम लेकर निर्धारित सीटों से अधिक बच्चों का एडमिशन लिया है. ऐसे में मेडिकल माफिया के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है. लगभग 100 करोड़ की संपत्ति इनकी कुर्क की जा रही है. तिवारीपुर पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम कृष्ण करुणेश ने आरोपियों की चिन्हित हुई भूमि, भवन, नर्सिंग कॉलेज को कुर्क करने का आदेश दिया था.
राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक डॉक्टर अभिषेक यादव ने गोरखपुर के पिपराइच के तुर्रा बाजार में कूट रचित दस्तावेज पर शासन से मान्यता मिलने की जानकारी देकर नर्सिंग कॉलेज खोलकर छात्र-छात्राओं का प्रवेश लिया था. जब छात्र-छात्राओं को इस बात की जानकारी हुई तो उसके बाद उन्होंने आंदोलन शुरू कर दिया था. फिर एक छात्र ने आत्महत्या की कोशिश भी की थी. इसके बाद प्रशासन ने कार्यवाही शुरू की.
गैंगस्टर डॉक्टरअभिषेक यादव के कॉलेज पर ताला लगने के साथ ही अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ पिपराइच थाने में भी मुकदमा दर्ज कराया था. कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की छानबीन की तो पता चला की दुर्गावाणी निवासी डॉक्टर अभिषेक यादव उनकी पत्नी डॉक्टर मनीषा यादव, शाहपुर के बशरतपुर में रहने वाली बहन डॉक्टर पूनम यादव अपने साथी शक्ति नगर निवासी डॉक्टर सी प्रसाद उर्फ चौथी, बस्ती जिले के लालगंज खोरीया निवासी शोभितानंद यादव गुलरिहा थाना क्षेत्र करमहा निवासी श्याम नारायण मौर्य और मुगलहा निवासी विशाल त्रिपाठी के साथ मिलकर 2015 से ही यह गिरोह चलाते थे.
छात्रों द्वारा आंदोलन और एक छात्र द्वारा आत्महत्या करने की कोशिश के बाद शिकायत पर शासन के संयुक्त सचिव अनिल कुमार सिंह ने 8 जनवरी 2022 को गोरखपुर के कोतवाली थानें में राज नर्सिंग होम के संचालक पर कूट रचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद जालसाजी की जानकारी होने पर ठगी का शिकार होने वाले छात्रों के परिजनों ने भी संचालक के खिलाफ तहरीर दी थी.
रिपोर्ट : कुमार प्रदीप
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By Prabhat Khabar News Desk
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