राजस्थान : मंत्रीजी के भाषण के बीच मोबाइल देख रहे थे कलेक्टर, माननीय को आया गुस्सा तो सरेआम लगा दी फटकार

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :22 Nov 2022 7:41 PM (IST)
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राजस्थान : मंत्रीजी के भाषण के बीच मोबाइल देख रहे थे कलेक्टर, माननीय को आया गुस्सा तो सरेआम लगा दी फटकार

राजस्थान के बीकानेर शहर में रवींद्र रंगमंच के कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा ने मंच पर बैठे जिला कलेक्टर द्वारा मोबाइल फोन देखे जाने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं. इस पर जिला कलेक्टर बिना कुछ बोले मंच से चले गए.

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जयपुर : बीकानेर में रवींद्र रंगमंच के एक कार्यक्रम में राजस्थान के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा भाषण दे रहे थे. उसी समय मंत्री महोदय ने बीकानेर के जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल को मोबाइल चलाते हुए देख लिया. फिर क्या था. माननीय मंत्रीजी को गुस्सा आ गया और उन्होंने मंच से ही जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल को फटकार लगा दी. मंत्रीजी की फटकार सुनकर जिला कलेक्टर महोदय ने भी आव देखा न ताव, सीधे उठ खड़े हुए और तमककर कार्यक्रम से बाहर चले गए. अब सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

मोबाइल फोने देखने पर मंत्री जी को थी आपत्ति

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के बीकानेर शहर में रवींद्र रंगमंच के कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा ने मंच पर बैठे जिला कलेक्टर द्वारा मोबाइल फोन देखे जाने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं. इस पर जिला कलेक्टर बिना कुछ बोले मंच से चले गए. हालांकि, कुछ देर बाद वह मंच पर लौट आए. मंत्री रमेश मीणा रवींद्र रंगमंच में एक कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित कर रहे थे. मंच पर जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल सहित अन्य लोग बैठे थे.


सरकार पर नौकरशाह हावी?

अपने संबोधन के दौरान मंत्री की नजर जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल पर पड़ी, जो अपने मोबाइल फोन में व्यस्त थे. उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि वह उनकी बात क्यों नहीं सुन रहे हैं. उन्होंने कहा कि आप हमारी बात क्यों नहीं सुन रहे हैं. क्या इस सरकार पर नौकरशाह (ब्यूरोक्रेट) इतने हावी हो गए हैं? इसके जवाब में कलेक्टर बिना कुछ बोले सोफे से उठ खड़े हुए. उसी समय मंत्री ने कहा, ‘आप यहां से जाइए.’

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. राजस्थान के मंत्री रमेश मीणा यहां राजीविका योजना के तहत लाभ ले रही महिलाओं से संवाद कर रहे थे. संपर्क करने पर मंत्री रमेश मीणा ने मीडिया से कहा कि जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल लगातार अपने फोन में व्यस्त थे और उनके संबोधन के दौरान उठाए गए मुद्दों को नहीं सुना. मीणा ने कहा कि महिलाओं ने मनरेगा जैसी योजनाओं के बारे में कुछ बातें कही थीं और मैंने कलेक्टर को यह बताया, लेकिन उन्होंने नहीं सुना और वे अपने फोन को देखने में व्यस्त थे. वह बार-बार फोन पर भी बात कर रहे थे.’

यह कलेक्टर की लापरवाही, जानता में जाता है गलत संदेश : मंत्री रमेश मीणा

मीणा ने कहा कि एक मंत्री कलेक्टर को कुछ महत्वपूर्ण बात बता रहा है और कलेक्टर अपने फोन में व्यस्त रहे. यह लापरवाही है. इससे जनता में क्या संदेश जाता है? उन्होंने पूछा कि जब कलेक्टर मंत्री की बात नहीं सुनेंगे, तो आम जनता की कैसे सुनेंगे और उनकी शिकायतों का समाधान कैसे होगा. मंत्री ने कहा कि वह घटना के बारे में मुख्यमंत्री से बात करेंगे और कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे.

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कार्यक्रम के बाद बैठक में भी नहीं बदला कलेक्टर का रवैया

मंत्री रमेश मीणा ने कहा कि इस कार्यक्रम के बाद जिला परिषद में समीक्षा बैठक हुई और उस बैठक में भी कलेक्टर ने वही रवैया दिखाया. वहीं, इस बारे में जब जिला कलेक्टर से जब बात करनी चाही, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया. वहीं, राजस्थान आईएएस एसोसिएशन ने इस मामले को लेकर शाम को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन मुख्य सचिव उषा शर्मा को सौंपा. इसमें कुछ जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों द्वारा अधिकारियों को निशाना बनाए जाने की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कतिपय मंत्रियों के व्यवहार को निंदनीय व अस्वीकार्य बताया गया है.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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