क्योंझर में खदान माफिया पर चला सरकार का बुलडोजर, सुंदरगढ़ में कार्रवाई का इंतजार

Updated at : 20 Jul 2024 11:26 PM (IST)
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क्योंझर में खदान माफिया पर चला सरकार का बुलडोजर, सुंदरगढ़ में कार्रवाई का इंतजार

ओडिशा में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने के बाद खनिज माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गयी है. सुंदरगढ़ जिले में भी कई माफिया सक्रिय हैं. इन पर कार्रवाई का इंतजार लोगों को है.

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राउरकेला. सूबे में 24 साल से सत्तारूढ़ बीजद सरकार के शासन का अंत हो चुका है. अब सूबे में भाजपा की डबल इंजन की सरकार है. मुख्यमंत्री मोहनचरण माझी के प्रत्यक्ष तत्वावधान में गत सरकार के शासन में जहां-जहां भी खदान माफिया ने अपना वर्चस्व कायम कर रखा है, वहां पर उन्हें कसने का काम शुरू कर दिया गया है. इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री के गृह जिला तथा खदान बहुल जिला क्योंझर से हो चुकी है. लेकिन क्योंझर जिले के पड़ोसी जिला सुंदरगढ़ में भी खदान माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई किये जाने की मांग हो रही है. जानकारी के अनुसार क्योंझर जिला समेत सुंदरगढ़ जिला में भी खदान माफिया ने वर्ष 2000 से लौह पत्थर व मैंगनीज का अवैध चालान कर हजारों करोड़ रुपये कमाये थे. लेकिन गरीब व निरीह आदिवासियों को खदान माफिया का नाम देकर यह माफिया अपने को बचाने में सफल रहे थे. हालांकि शाहा कमीशन के दौरे के बाद इस जिले में खदान संपदा की लूट पर थोड़ा अंकुश लगा था. लेकिन वर्तमान भी कोइड़ा माइनिंग सेक्टर के अलग-अलग अंचलों से खनिज संपदा की चोरी हो रही है. जिससे खनिज संपदा की अवैध ढुलाई करने में प्रयुक्त वाहन तो पकड़े जाते हैं. लेकिन कई बार ऐसे वाहन बचकर निकलने में भी सफल हो जाते हैं.

पाटमुंडा, मालदा, गणुआ व कोइड़ा में सक्रिय हैं मैंगनीज के अवैध कारोबारी

खासकर इस सेक्टर के पाटमुंडा, मालदा, गणुआ व कोइड़ा के आसपास के अंचलों में लौह पत्थर तथा मैंगनीज माफिया सक्रिय है. आलम है कि कोइड़ा वन विभाग कार्यालय अथवा रेंज ऑफिस का परिसर इस तरह की चोरियों में संलिप्त जब्त वाहनों से भर चुका है. लेकिन इसके बाद भी खनिज संपदा की चोरी पर अंकुश लग नहीं पा रहा है. वहीं शाहा कमीशन के ओडिशा दौरे के बाद कोइड़ा अंचल से खदान माफिया ने लौह पत्थर क्रशर का व्यवसाय बंद कर दिया था. अन्यथा इन्हीं क्रशरों में लाकर चोरी की खनिज संपदा रखी जाती थी. लेकिन अफसोस की बात यह है कि कई आम लोगों काे खदान माफिया बताकर गिरफ्तार किया जा चुका है. जबकि क्रशर मालिकों से केवल जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया. इसके अलावा कई खदान माफिया कोइड़ा अंचल के विभिन्न खदानों से खनन व परिवहन का कार्य अपने हाथ में लिया था. लेकिन काफी दिनों से पत्थर तोड़कर रोजी रोटी चलाने वाले मजदूरों की छंटनी कर अपने लोडर, हाइवा व क्रशर लगाकर स्थानीय आदिवासियों का हक छीनने के साथ स्थानीय गाड़ी मालिकों पर भी जुल्म ढाना शुरू कर दिया था.

राज्य सरकार की कार्रवाई से माइनिंग माफिया में हड़कंप

वर्तमान ओडिशा में जिस प्रकार मोहन माझी की सरकार क्योंझर से खदान माफिया का खात्मा करने का प्रयास कर रही है. जिससे वहां की स्थिति को देखकर सुंदरगढ़ के कोइड़ा माइनिंग सेक्टर में भी सक्रिय खदान माफिया में हड़कंप मचा है. अब देखना यह है कि जिस प्रकार क्योंझर में खदान माफिया पर भाजपा की डबल इंजन सरकार ने अपना बुलडोजर चलाना शुरू किया है, वैसी ही कार्रवाई सुंदरगढ़ जिले में सक्रिय खदान माफिया पर होती है या नहीं.

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