Bhubaneswar News: कांग्रेस ने जांच समिति की मांग की, बीजू जनता दल ने निकाला मार्च

Bhubaneswar: Biju Janata Dal MLAs stage a walkout from the Odisha Assembly over the issue of reservation for ST, SC and OBCs in education and jobs, in Bhubaneswar, Wednesday, March 26, 2025. (PTI Photo)(PTI03_26_2025_000191B)
Bhubaneswar News: ओडिशा विधानसभा में बुधवार को भी कांग्रेस और बीजद विधायकों ने प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेता आसन के करीब घंटी बजाते देखे गये.
Bhubaneswar News: ओडिशा विधानसभा में सरकार के मुख्य सचेतक सरोज कुमार प्रधान द्वारा पेश किये गये प्रस्ताव को सदन द्वारा पारित किये जाने के बाद अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने ताराप्रसाद बहिनीपति और रमेश जेना के निलंबन की घोषणा की. इससे पहले, प्रश्नकाल के दौरान बहिनीपति और जेना मंगलवार को पार्टी विधायकों के निलंबन का विरोध और राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच के लिए सदन की समिति के गठन की मांग करते हुए सदन के आसन के करीब घंटी बजाते देखे गये. इसी तरह के आधार पर मंगलवार को कांग्रेस के 12 विधायकों को सात दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था. पार्टी के सदस्य समिति के गठन की मांग को लेकर सात मार्च से विधानसभा में प्रदर्शन कर रहे हैं.
बीजद विधायकों ने एजी चौक तक किया मार्च
सदन में उस समय भी हंगामा देखने को मिला, जब मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा से बहिर्गमन किया और शिक्षा व नौकरियों में एसटी, एससी और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षण की मांग की. बाद में, बीजद विधायकों ने एजी चौक तक मार्च किया, जहां उन्होंने बीआर आंबेडकर की प्रतिमा के पास उन्हें श्रद्धांजलि दी.
कांग्रेस विधायकों के निलंबन पर विपक्षी दल के उपनेता ने जतायी चिंता
कांग्रेस विधायक के निलंबन और उसके बाद की घटनाओं को लेकर विपक्षी दल के उपनेता प्रसन्न आचार्य ने गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कल की घटना को अभूतपूर्व बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से बयान की मांग की. आज प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद शून्यकाल में श्री आचार्य ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कल जो घटना घटी, वह असामान्य थी. उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ था कि पुलिस गृह के अंदर घुसकर विधायक को बाहर ले जाये. विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है. सरकारी दल की इस तरह की प्रतिक्रिया सही नहीं है. अगर सरकार इसी प्रकार की प्रतिक्रिया जारी रखेगी तो उसका परिणाम अलग होगा. श्री आचार्य ने यह भी कहा कि वह कई बार इस सदन के सदस्य रह चुके हैं, लेकिन कभी भी ऐसी घटना नहीं देखी, जहां पुलिस सदन के अंदर घुसकर विधायकों को बाहर ले जाये. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि गृह चलाने की जिम्मेदारी सरकार की है, न कि विपक्ष की. इस मामले में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस बारे में बयान की मांग की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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