Bhubaneswar News: युवाओं को राष्ट्रसेवा और नेतृत्व का मार्ग दिखा रही एबीवीपी : मोहन माझी

Published by : BIPIN KUMAR YADAV Updated At : 30 May 2026 1:05 AM

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Bhubaneswar News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने संबोधित किया.

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Bhubaneswar News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) देश के युवाओं को केवल सफल करियर की दिशा ही नहीं दे रही है, बल्कि उन्हें राष्ट्रसेवा, नेतृत्व और चरित्र निर्माण के लिए भी प्रेरित कर रही है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह बातें कही. वे भुवनेश्वर स्थित शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान विश्वविद्यालय में अभाविप द्वारा आयोजित भव्य नागरिक अभिनंद समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री माझी के साथ मंच पर अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी, ओडिशा (पूर्वी) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ देवेश शंकर होता, ओडिशा (पूर्वी) प्रदेश सचिव दीप्तिमयी प्रतिहारी, रिसेप्शन समिति अध्यक्ष प्रबोध मोहंती तथा महासचिव अजय अग्रवाल उपस्थित थे.

देशभर से आये छात्र प्रतिनिधियों और युवा नेताओं का स्वागत किया

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में आयोजित हो रही अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के लिए देशभर से आये छात्र प्रतिनिधियों और युवा नेताओं का स्वागत किया. उन्होंने भुवनेश्वर को ओडिशा की ‘मंदिर नगरी’ तथा भगवान जगन्नाथ, कला, संस्कृति और वैदिक परंपरा की पवित्र भूमि बताते हुए कहा कि यह शहर युवा नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित राष्ट्रीय आयोजन के लिए एक आदर्श स्थल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अभाविप अपने ‘ज्ञान, चरित्र और एकता’ के मूल मंत्र के आधार पर निरंतर छात्र हित, राष्ट्रीय हित और सामाजिक जागरूकता के लिए कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता बनने की आकांक्षा रखनी चाहिए. उद्यमिता, नवाचार और युवा नेतृत्व आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे. मुख्यमंत्री ने संगठन के ‘ स्क्रिन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह छात्रों को सामाजिक सेवा, पर्यावरण जागरुकता, खेलकूद और समाज में रचनात्मक सहभागिता की ओर प्रेरित कर रहा है. उन्होंने कहा कि 1949 में स्थापना के बाद से अभाविप ने न केवल छात्र नेतृत्व तैयार किया है, बल्कि राष्ट्रवादी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पित जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में भी योगदान दिया है.

युवाओं और छात्रों को राष्ट्रवाद की भावना के साथ आगे आना होगा : डॉ सोलंकी

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक एक महत्वपूर्ण संगम है, जो राष्ट्रीय हित, छात्र कल्याण और सांस्कृतिक चेतना को नयी दिशा प्रदान करेगी. कहा कि वर्तमान वैश्विक अस्थिरता और बदलते राष्ट्रीय परिदृश्य में भारत को एक संतुलित वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरना होगा. इसके लिए देश के युवाओं और छात्रों को राष्ट्रवाद और सामाजिक प्रतिबद्धता की भावना के साथ आगे आना होगा. उन्होंने कहा कि अभाविप लगातार अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ, जनसांख्यिकीय परिवर्तन और देश में लोकतांत्रिक मूल्यों पर उत्पन्न चुनौतियों जैसे मुद्दों को उठाती रही है. उन्होंने कहा कि संगठन के वैचारिक और सामाजिक अभियानों ने देशभर के युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि ‘आनंदमय सार्थक छात्र जीवन’ और ‘स्क्रिन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ जैसे अभियान विद्यार्थियों को स्वस्थ, सकारात्मक और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. अभाविप की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मिशन साहसी, छात्र संसद, थिंक इंडिया, मेडिविजन, एग्रीविजन और फार्मा विजन जैसे कार्यक्रम नेतृत्व विकास, चरित्र निर्माण, नीति सहभागिता और छात्रों में राष्ट्रवादी व्यक्तित्व निर्माण पर केंद्रित हैं.

अभाविप की तीन-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक का शुभारंभ

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक का भुवनेश्वर में शुक्रवार को शुभारंभ हुआ. अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया. राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि भुवनेश्वर में बैठक में शिक्षा, वैश्विक परिदृश्य, सेवा, खेल, पर्यावरण, तकनीकी सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जायेगी. गत दिवस केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा त्रि-भाषा नीति को पूर्णतः लागू करने का निर्णय भारतीय शिक्षा के स्वदेशीकरण और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. देश में रोजगार और उच्च शिक्षा के लिए निरंतर बढ़ रहे अंतर-राज्यीय प्रवास को देखते हुए भारतीय भाषाओं का ज्ञान छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा. संक्रमण काल के दौरान पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और शिक्षकों की कमी जैसी व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के लिए बोर्ड द्वारा दिये गये लचीले समाधान सराहनीय हैं. इस बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय भाषाओं के संवर्धन तथा त्रि-भाषा नीति के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की जायेगी. बैठक में आगामी कार्ययोजना पर भी विचार किया जायेगा.

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