ePaper

शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट ने चुनाव आयोग को सौंपे तीन चुनाव चिन्ह, उद्धव के मशाल से होगा मुकाबला

Updated at : 11 Oct 2022 4:16 PM (IST)
विज्ञापन
शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट ने चुनाव आयोग को सौंपे तीन चुनाव चिन्ह, उद्धव के मशाल से होगा मुकाबला

चुनाव चिन्ह को लेकर पार्टी के उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट में ठनी हुई है. चुनाव चिन्ह पर दोनों गुट अपना दावा पेश कर रहे हैं. इस विवाद को देखते हुए चुनाव आयोग ने दोनों धड़ों को उपचुनाव में पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा

विज्ञापन

चुनाव चिन्ह को लेकर जारी विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के  धड़े ‘बालासाहेबंची शिवसेना’ ने तीन चुनाव चिन्ह की सूची आज यानी मंगलवार को इलेक्शन कमीशन को सौंप दी है. एकनाथ शिंदे ने जो चुनाव चिन्ह चुनाव आयोग को सौंपे हैं उनमें पीपल का पेड़, सूरज और तलवार शामिल है. गौरतलब है कि इससे पहले शिंदे खेमे ने जो चिन्ह आयोग को सौंपे थे उसे आयोग ने खारिज कर दिया था.

शिवसेना के दोनों धड़ों में छिड़ी है जंग: गौरतलब है कि शिवसेना के चुनाव चिन्ह को लेकर पार्टी के उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट में ठनी हुई है. चुनाव चिन्ह पर दोनों गुट अपना दावा पेश कर रहे हैं. इस विवाद को देखते हुए चुनाव आयोग ने दोनों धड़ों को उपचुनाव में पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया था.

अंधेरी पूर्व में हो रहा है उपचुनाव: बता दें, मुंबई के अंधेरी पूर्व में विधानसभा उपचुनाव होने वाला है.   इसको लेकर शिवसेना के दोनों धड़े तैयारी में जुटे हैं. इससे पहले चुनाव आयोग ने सोमवार को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना के धड़े को मशाल चुनाव चिन्ह आवंटित किया था. वहीं आयोग ने दोनों गुटों को शिवसेना नाम का इस्तेमाल करने से मना कर दिया था. आयोग ने ठाकरे गुट के लिए पार्टी के नाम के रूप में शिवसेना- उद्धव बालासाहेब ठाकरे नाम दिया है. वहीं, एकनाथ शिंदे के गुट को बालासाहेबंची शिवसेना नाम दिया है.

शिंदे ने खारिज किया था चुनाव चिन्ह: चुनाव आयोग ने शिवसेना के शिंदे खेमे को बतौर चुनाव चिन्ह त्रिशूल, गदा और उगते सूरज का चिन्ह दिया था, लेकिन इसे शिंदे गुट ने खारिज कर दिया था. जिसके बाद आयोग ने शिंदे धड़े को मंगलवार सुबह तक चिह्नों की नयी सूची सौंपने का निर्देश दिया था.  गौरतलब है कि बाला साहेब ठाकरे के बेटे और उस समय के तात्कालिक सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर एकनाथ शिंदे ने बीजेपी की मदद से सरकार का गठन किया. 

भाषा इनपुट के साथ

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola