युवती पर चढ़ा युवक का ‘भूत’, अंधविश्वासी भाई-भाभी ने रस्सी से बांधा

नाेवामुंडी के अंधविश्वासी भाई-भाभी का करामात. एआई जेनरेटेड प्रतीकात्मक फोटो
Womens Day Special: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी में अंधविश्वास की चौंकाने वाली घटना सामने आई. एक युवती पर भूत सवार होने का दावा करते हुए उसके भाई-भाभी ने उसे कपड़े की रस्सी से बांध दिया और झाड़-फूंक कराने ले जाने की तैयारी की. घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को उजागर किया. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट
Womens Day Special: महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार की शाम को झारखंड के नोवामुंडी क्षेत्र से अंधविश्वास से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां एक युवती को “भूत सवार होने” की बात कहकर उसके ही परिजनों ने रस्सी से बांध दिया और झाड़-फूंक कराने के लिए ले जाने की तैयारी की. घटना शनिवार रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है. मामला नोवामुंडी क्षेत्र के तोड़े टोपा गांव का है, जहां राजू दास की बेटी को उसके भाई और भाभी कथित रूप से झाड़-फूंक कराने के लिए ले जा रहे थे. इस दौरान युवती को कपड़े की रस्सी से कमर में बांधकर रखा गया था.
परिजनों का दावा: युवती पर सवार है ‘भूत’
युवती के भाई-भाभी का कहना है कि युवती के व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया था. उनका दावा है कि युवती पर किसी मृत युवक की आत्मा सवार हो गई है. बताया जाता है कि कुछ दिन पहले झिकपानी इलाके में एक युवक की मौत हुई थी. परिवार को शक है कि उसी युवक का “भूत” युवती पर सवार हो गया है. इसी डर और अंधविश्वास के कारण परिजनों ने युवती को बांधकर रखा था. उनका कहना है कि युवती अचानक इधर-उधर भागने लगती है और अजीब व्यवहार करती है. इसलिए उसे कंट्रोल में करने के लिए ऐसा किया गया.
भाई ने बताया, भागने से रोकने के लिए बांधा
जब युवती के भाई से इस संबंध में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसकी बहन लगातार इधर-उधर भाग रही थी. इसी वजह से उसे कपड़े की रस्सी से कमर में बांधा गया है. भाई ने कहा कि परिवार को पूरा यकीन है कि युवती पर किसी आत्मा का असर है. इसलिए उसे झाड़-फूंक कराने के लिए ले जाया जा रहा था, ताकि उसकी स्थिति ठीक हो सके.
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अंधविश्वास और जागरूकता की कमी उजागर
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है. कई लोगों का कहना है कि आज के आधुनिक दौर में भी समाज में अंधविश्वास की जड़ें गहरी हैं. लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और वैज्ञानिक सोच की कमी को उजागर करती हैं. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में इलाज और डॉक्टरों की सलाह लेना जरूरी होता है, लेकिन कई बार लोग अंधविश्वास के कारण झाड़-फूंक जैसे तरीकों का सहारा लेने लगते हैं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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