नोवामुंडी में मानसिक रूप से विक्षिप्त भटकीं महिलाओं का जमावड़ा, पत्थरबाजी से लोगों में दहशत

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :14 Apr 2026 10:29 AM (IST)
विज्ञापन
Noamundi News

नोवामुंडी की विक्षिप्त महिलाएं. फोटो: प्रभात खबर

Noamundi News: नोवामुंडी में मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं की भटकन से मुख्य मार्ग, ओवरब्रिज और रेलवे फाटक पर खतरा बढ़ गया है. राहगीरों पर पत्थरबाजी और असुरक्षा की घटनाएं सामने आ रही हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इलाज, पहचान और सुरक्षित पुनर्वास की मांग की है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Noamundi News: झारखंड के नोआमुंडी प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाओं की लगातार भटकन से आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है. मुख्य मार्ग, ओवरब्रिज और रेलवे फाटक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में इन महिलाओं की मौजूदगी से स्थानीय लोग परेशान हैं. दिनभर इनका सड़कों पर घूमना लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है.

सड़क, ओवरब्रिज और रेलवे ट्रैक के पास मंडराता खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार ये महिलाएं अक्सर सड़कों के किनारे, ओवरब्रिज के आसपास और रेलवे ट्रैक के पास बैठी या सोती हुई दिखाई देती हैं. इससे न केवल उनकी खुद की जान को खतरा रहता है, बल्कि राहगीरों के लिए भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. किसी भी समय बड़ी अनहोनी होने का डर लोगों के मन में बना हुआ है.

अचानक आक्रामक व्यवहार से बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि ये महिलाएं कभी-कभी अचानक आक्रामक हो जाती हैं. कई बार वे राहगीरों, दुकानों और गुजरते वाहनों पर पत्थर फेंकने लगती हैं. इस तरह की घटनाओं से स्थानीय लोग डरे हुए हैं और सामान्य आवाजाही भी प्रभावित हो रही है. खासकर बच्चों और महिलाओं के लिए यह स्थिति अधिक चिंताजनक बन गई है.

दुकानों से भोजन मांगकर चल रहा जीवन

बताया जा रहा है कि ये महिलाएं क्षेत्र की दुकानों पर जाकर खाने-पीने की चीजें मांगती हैं और उसी के सहारे अपना जीवन यापन कर रही हैं. हालांकि, उनका व्यवहार कब बदल जाएगा, इसका कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. इस कारण दुकानदार भी सतर्क रहते हैं और कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है.

मुख्य मार्ग से गुजरने वालों को खतरा

इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं. ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या अब लगातार बढ़ रही है और इसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है.

लोगों की बढ़ती चिंता और प्रशासन से मांग

ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है. उनका कहना है कि इन महिलाओं की पहचान कर उनकी स्थिति का आकलन किया जाए और उन्हें उचित उपचार प्रदान किया जाए. साथ ही उनके लिए सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि उनका जीवन सुरक्षित हो सके.

सुरक्षित पुनर्वास और इलाज की आवश्यकता

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह केवल सुरक्षा का ही नहीं बल्कि मानवता का भी मुद्दा है. मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को सही इलाज और देखभाल की आवश्यकता होती है. यदि प्रशासन समय पर कदम उठाए तो न केवल इन महिलाओं का जीवन बेहतर हो सकता है, बल्कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है.

इसे भी पढ़ें: धनबाद की बरोरा बस्ती में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, पिलर काटकर माइनिंग

शांति और सुरक्षा बहाल करने की अपील

नोआमुंडी के लोगों ने एक बार फिर प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए. उनका कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. इसलिए आवश्यक है कि जल्द से जल्द प्रभावी कार्रवाई कर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल की जाए.

इसे भी पढ़ें: अंबेडकर जयंती पर कस्तूरबा विद्यालय में संविधान की चेतना से सशक्त बेटियां कार्यक्रम का आयोजन

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola