झारखंड पेपर लीक मामला: BJP ने राज्यपाल से की मुलाकात, उत्पाद सिपाही परीक्षा की CBI जांच की मांग

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राज्यपाल से मुलाकात करते झारखंड बीजेपी के प्रतिनिधि, Pic Credit- X Handle BJP Jharkhand

Jharkhand Paper Leak Case: झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर बीजेपी के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर सात सूत्री मांग पत्र सौंपा है. 150 से अधिक गिरफ्तारियों और 15-15 लाख के सौदे के दावों के बीच, बीजेपी ने हेमंत सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है.

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Jharkhand Paper Leak Case, रांची (सतीश सिंह की रिपोर्ट): झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक का विवाद एक फिर देखने को मिल रहा है. मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के एक उच्चस्तरीय नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने लोक भवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पहुंचे इस दल ने 12 अप्रैल को आयोजित उत्पाद सिपाही परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी को लेकर विस्तृत चर्चा की और पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की.

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तमाड़ में ‘सेटिंग’ और 150 गिरफ्तारियां

राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपे गए सात सूत्री ज्ञापन में बीजेपी ने कई बड़े आरोप लगाए हैं. प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तमाड़ के एक निर्माणाधीन भवन में परीक्षा माफियाओं द्वारा अभ्यर्थियों को प्रश्न-पत्र रटवाया जा रहा था. पुलिस की छापेमारी में वहां से 150 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए और कंप्यूटर, लैपटॉप समेत कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं. बीजेपी का दावा है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से 15-15 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराने का सौदा तय किया गया था. नेताओं ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद जेएसएससी (JSSC) जैसी संस्था पेपर लीक से इनकार क्यों कर रही है.

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370 केंद्रों की निष्पक्षता पर सवाल

भाजपा नेताओं ने कहा कि जब तमाड़ के एक ही स्थान पर इतनी बड़ी धांधली सामने आई है, तो राज्यभर के अन्य 370 परीक्षा केंद्रों की शुचिता पर सवाल उठना लाजमी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सॉल्वर गैंग और आयोग के बीच गहरी सांठगांठ है, जिसे राज्य की एजेंसियां उजागर करने में विफल रही हैं. प्रतिनिधिमंडल ने पिछले छह वर्षों में आयोजित सभी प्रमुख परीक्षाओं की समीक्षा करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

युवाओं के भविष्य पर सियासी घमासान

प्रतिनिधिमंडल में शामिल बाबूलाल मरांडी, आदित्य साहू, नवीन जायसवाल और सीपी सिंह सहित अन्य नेताओं ने साझा बयान में कहा कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में युवाओं का विश्वास सिस्टम से उठ गया है. उन्होंने राज्यपाल से संवैधानिक अभिभावक के तौर पर हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. बीजेपी ने स्पष्ट किया कि जब तक इस संगठित अपराध की जांच केंद्रीय एजेंसी नहीं करती, तब तक झारखंड के मेधावी छात्रों को न्याय मिलना असंभव है.

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