धनबाद की बरोरा बस्ती में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, पिलर काटकर माइनिंग

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धनबाद की बरोरा बस्ती में अवैध कोयला खनन का विरोध करते ग्रामीण. फोटो: प्रभात खबर.

Dhanbad News: धनबाद के बरोरा बस्ती में अवैध कोयला खनन और पिलर काटने के खिलाफ ग्रामीणों ने विरोध किया. बस्ती के नीचे खनन से जमीन धंसने का खतरा बढ़ गया है. बीसीसीएल प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद अवैध मुहानों को बंद करने का आदेश दिया गया और आंदोलन समाप्त हुआ. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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धनबाद से सुमन सिंह की रिपोर्ट

Dhanbad News: धनबाद जिले के बरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरोरा बस्ती में अवैध कोयला खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है. ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ती के ठीक नीचे चल रहे कोयला इनकलाइन में पिलर काटकर अवैध माइनिंग की जा रही है. इससे पूरा इलाका कभी भी धंस सकता है और बड़ी जनहानि हो सकती है.

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टांडा जैसी त्रासदी की आशंका

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जिस तरह की दुर्घटना पहले टांडा बस्ती में हुई थी, वैसी ही स्थिति यहां भी बन सकती है. बस्ती के नीचे कोयला खनन के कारण जमीन लगातार कमजोर होती जा रही है. लोगों का कहना है कि सैकड़ों परिवारों की जान हर समय खतरे में है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी उन्होंने कोलियरी बंद करने और सुरक्षित तरीके से मुहानों को ओबी (ओवरबर्डन) डालकर बंद करने की मांग उठाई थी. उस समय प्रबंधन ने एक माह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अब तक पूरा नहीं किया गया.

अवैध मुहानों को बंद करने की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद अवैध खनन जारी रहा. इसके विरोध में उन्होंने एक बार फिर कोलियरी का काम पूरी तरह बंद करा दिया. ग्रामीणों की मांग है कि सभी अवैध मुहानों को तुरंत बंद किया जाए ताकि बस्ती की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

मौके पर पहुंचा बीसीसीएल प्रबंधन

ग्रामीणों के आंदोलन और काम बंद होने की सूचना मिलते ही बीसीसीएल प्रबंधन मौके पर पहुंचा. कोलियरी मैनेजर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी अवैध मुहानों का निरीक्षण किया. जांच के बाद उन्होंने तुरंत उन स्थानों को भरने और सुरक्षित करने के आदेश जारी किए.

प्रशासनिक कार्रवाई से आंदोलन खत्म

प्रबंधन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया. हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में लापरवाही जारी रही तो वे फिर से आंदोलन करेंगे. फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन लोगों में अभी भी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है.

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ग्रामीणों की अपील, टांडा जैसी घटना न हो दोहराई

ग्रामीणों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से अपील की है कि बरोरा बस्ती को टांडा बस्ती जैसी दुर्घटना से बचाया जाए. उनका कहना है कि सुरक्षा उपायों को गंभीरता से लागू किया जाए ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके. स्थानीय लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने.

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