नोवामुंडी में फर्जी राशन कार्डधारियों पर गिरने वाली है गाज, सख्त कार्रवाई की तैयार में प्रशासन

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :13 Apr 2026 6:58 PM (IST)
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Noamundi News

नोवामुंडी के प्रखंड कार्यालय में बैठक करते अधिकारी. फोटो: प्रभात खबर

Noamundi News: नोवामुंडी में अयोग्य राशन कार्डधारियों के खिलाफ सरेंडर अभियान तेज किया गया है. प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डीलरों को सत्यापन का निर्देश दिया है. अपात्र लाभुकों को चेतावनी दी गई है कि कार्ड सरेंडर करें, अन्यथा जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Noamundi News: पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड में फर्जी राशन कार्डधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. उपायुक्त चाईबासा के निर्देश पर प्रशासन ने सरेंडर अभियान तेज कर दिया है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे. इस अभियान से अपात्र लाभुकों में हड़कंप की स्थिति बन गई है.

प्रखंड कार्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक

इस संबंध में प्रखंड कार्यालय सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी दीपक कुजूर ने की, जिसमें प्रखंड के सभी राशन डीलर मौजूद रहे. बैठक का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और अपात्र लाभुकों की पहचान सुनिश्चित करना था.

सरेंडर अभियान पर विस्तृत चर्चा

बैठक में अयोग्य राशन कार्डधारियों की पहचान कर उन्हें स्वेच्छा से कार्ड सरेंडर करने के लिए प्रेरित करने पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान सरकार की प्राथमिकता का हिस्सा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को उनका हक मिल सके.

अपात्र लाभुकों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी दीपक कुजूर ने बताया कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी लाल, पीला और हरा राशन कार्ड बनवाकर सरकारी लाभ ले रहे हैं. उन्होंने ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द अपना कार्ड सरेंडर कर दें, अन्यथा जांच के दौरान पकड़े जाने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

राशन डीलरों को दिए गए सख्त निर्देश

बैठक में सभी राशन डीलरों को अपने-अपने क्षेत्रों में भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया. उनसे कहा गया कि वे अपात्र लाभुकों की पहचान कर विभाग को सूचित करें. यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी भी पात्र लाभुक को योजना से वंचित न रहना पड़े.

पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है. इसके लिए हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही योजना का लाभ मिले.

डीलरों ने दिया सहयोग का आश्वासन

बैठक में उपस्थित सभी राशन डीलरों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी साझा की. उन्होंने प्रशासन को आश्वासन दिया कि वे इस अभियान में पूरा सहयोग करेंगे और अपात्र कार्डधारियों की पहचान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे.

योग्य लाभुकों को नहीं होगी परेशानी

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान के दौरान किसी भी पात्र लाभुक को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी. सभी जरूरतमंदों को समय पर राशन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी.

अपात्र कार्डधारियों में मचा हड़कंप

सरकार के इस सख्त रुख और अभियान के तेज होने से अपात्र राशन कार्डधारियों में हड़कंप मच गया है. कई लोग स्वेच्छा से अपना कार्ड सरेंडर करने की तैयारी में जुट गए हैं.

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अनियमितता पर नहीं होगी कोई ढिलाई

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा, जिससे राशन व्यवस्था में सुधार लाया जा सके.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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