नक्सलियों के डर से नहीं पहुंचे दर्जनों गांव के मुंडा

Updated at : 27 Feb 2017 4:32 AM (IST)
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नक्सलियों के डर से नहीं पहुंचे दर्जनों गांव के मुंडा

गांव में जगह की कमी, सीआरपीएफ कैंप नहीं खोलने देंगे : रोआम मुंडा हालांकि प्रशासन ने कैंप खोलने का मुद्दा भी नहीं उठाया था क्षेत्र के विकास के लिए जगह-जगह कैंप खोलेंगे : एसपी किरीबुरू : सारंडा के रोआम गांव में रविवार को जिला पुलिस-प्रशासन की ओर से आयोजित कल्याण मेला सह जनता दरबार में […]

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गांव में जगह की कमी, सीआरपीएफ कैंप नहीं खोलने देंगे : रोआम मुंडा

हालांकि प्रशासन ने कैंप खोलने का मुद्दा भी नहीं उठाया था
क्षेत्र के विकास के लिए जगह-जगह कैंप खोलेंगे : एसपी
किरीबुरू : सारंडा के रोआम गांव में रविवार को जिला पुलिस-प्रशासन की ओर से आयोजित कल्याण मेला सह जनता दरबार में माओवादियों के भय से दर्जनों गांवों के मुंडा व ग्रामीण नहीं पहुंचे.
नक्सल प्रभावित सारंडा व कोल्हान रिजर्व वन क्षेत्र के बुंडू, बांकी, अगरवां, कदालसोपवा, पाटुंग, राजाबासा, जाम्बिरा, बियुबेड़ा, रायरोवां, पोखरीबुरू, कमारतोडांग, रेला, छोटानागरा, सोनापी, तितलीघाट, हतनाबुरू, बाईहातु, कुम्बिया, मम्मार, सलाई, हिनुआ, टीमरा गांव के मुंडा व ग्रामीणों को जनता दरबार में अपने गांव की समस्या आदि रखने के लिए बुलाया गया था.
इन गांवों के मुंडा जनता दरबार में शामिल नहीं हुए. इसके पीछे दो मुख्य वजह बताये जा रहे हैं. पहला नक्सलियों की धमकी और दूसरा प्रशासन की ओर से जनता दरबार का ठीक से प्रचार-प्रसार नहीं करना. नक्सली आतंक का भय रोआम मुंडा के भाषण में साफ दिखा. उन्होंने कहा कि रोआम में जगह की कमी है, जिसके कारण वे यहां सीआरपीएफ कैंप खोलने नहीं देंगे. जबकि जनता दरबार में पुलिस-प्रशासन ने सीआरपीएफ कैंप खोलने जैसी बात नहीं रखी थी.
बाद में एसपी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि यह क्षेत्र पिछड़ा है. इसका विकास के लिए प्रशासन रोआम गांव आया है. इस क्षेत्र के विकास में लगी एजेंसियां व जनता को सुरक्षा देना हमारा कार्य है. जहां-जहां नक्सल गतिविधियां है, वहां जरूरत के अनुसार कैंप स्थापित किया जायेगा. जनता दरबार में आसपास के गांवों के लोगों की उपस्थिति काफी कम थी. हालांकि बाहर के लोग अधिक देखे गये.
जिप सदस्य रंजीत यादव, रोआम निवासी रामो सिद्धू समेत कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें गांव के विकास से जुड़ी समस्याएं रखने का मौका तक नहीं दिया गया. सिर्फ दो-चार लोगों को बोलने का मौका दिया गया.
खनन कंपनियां स्थानियों को रोजगार दे : मुंडा
रोवाम गांव के मुंडा बुधराम सिद्धू ने खनन कंपनियों द्वारा स्थानीय लोगों को मिल रहे सहयोग को नाकाफी बताया. स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग की. उन्होंने कहा कि रोवाम में जमीन की कमी है, यहां पुलिस कैंप नहीं खोला जाना चाहिए.
क्षेत्र में मिनी अस्पताल खोलने की मांग : प्रमुख
मनोहरपुर प्रखंड प्रमुख गुरुवारी देवगम ने क्षेत्र में एक मिनी हॉस्पिटल और आवासीय विद्यालय की मांग की. वहीं टोंटो ब्लॉक की बुंडू पंचायत को मनोहरपुर प्रखंड से जोड़ने की मांग रखी. चिरिया में स्थित डीएवी स्कूल में क्षेत्र के बच्चों की फीस माफ करते हुए बस सुविधा देने की मांग की.
शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था करना जरूरी: ग्रामीण
रोवाम के ग्रामीण जोगेश्वर गोप ने कहा कि सिर्फ पानी टंकी लगाने से क्षेत्र का विकास नहीं होगा. यहां शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीरता से बेहतर करने की आवश्यकता है. सारंडा में खनन करने वाली कंपनियां स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं देती हैं. लोगों को जंगल काटकर गुजर बसर करना पड़ता है. वन विभाग में होने वाली बहाली में क्षेत्रों के लोगों को बहाल किया जाये.
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