कर्रादमाइर गांव टापू में तब्दील, बच्चों को ढोकर स्कूल पहुंचाने को विवश ग्रामीण

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कर्रादमाइर गांव टापू में तब्दील, बच्चों को ढोकर स्कूल पहुंचाने को विवश ग्रामीण

पांगुर नाला में पुल नहीं बनने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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फोटो फाइल: 20 एसआइएम:2-बच्चे को ढो कर नाला पार करता ग्रामीण धर्मवीर सिंह बानो. प्रखंड के गेनमेर पंचायत के ग्राम टोनिया कर्रादमाईर स्थित पांगुर नाला में पुल नहीं बनने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मुख्य सड़क और गांव के बीच पांगुर नाला बहती है.बरसात के दिन में कर्रादमाइर गांव टापू में तबदील हो गया है. गांव के लोग कंधे में ढोकर बच्चों को विद्यालय पहुंचाने को विवश हैं. कम पानी रहने पर बच्चे जान जोखिम मे डाल कर नाला पार होकर विद्यालय जाते हैं. वहीं ज्यादा पानी हो जाता है तो बच्चे विद्यालय जाने से वंचित हो जाते हैं. गांव में किसी के बीमार हो जाने से इलाज के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इससे पूर्व पुल नहीं होने के कारण सर्पदंश से पीड़ित को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाने के कारण दो ग्रामीण की मृत्यु हो चुकी है. बरसात में गर्भवती महिला को भी खटिया के सहारे ढोकर नाला पार कराते हुए अस्पताल तक ले जाया जाता है. बरसात के दिनों में कर्रादमाइर गांव टापू बन जाता है. गांव के लोगों का पंचायत मुख्यालय और प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है. गांव के सहदेव कटवार बताते हैं कि एक तो पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी समस्या होती है. वहीं गांव में टावर की भी समस्या है.पुल के अभाव मे कर्रादमाइर के कई टोले प्रभावित हैं. जिसमें पहारटोली, लोहराटोली, कर्रादमाइर भुइंयाटोली आदि शामिल हैं. तीनो टोलों को मिलाकर लगभग एक सौ से अधिक लोग रहते हैं. गांव के लोग रोजना काम काज को लेकर आना जाना करते है. लेकिन बरसात में पुल के अभाव के कारण लोगों या तो आना जाना बंद हो जाता है. या फिर लोग जान जोखिम में डालकर पांगुर नाला पार करते है. वर्षो से ग्रामीण पांगुर नाला मे पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं. लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गयी है.

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विकाश नाथ

लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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