झारखंड के खनिज अधिकार पर कोंगाड़ी का बड़ा दावा, केंद्र के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
प्रेस वार्ता करते विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी| Prabhat Khabar Network
कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने खनिज कानून संशोधन को आदिवासी अधिकारों पर हमला बताया और केंद्र सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है.
सिमडेगा. कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर खनिज कानून में संशोधन के बहाने राज्यों के अधिकारों, आदिवासी हितों और संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य को अपनी प्राकृतिक संपदा का उचित लाभ मिलना चाहिए. खनन से प्राप्त राजस्व का उपयोग स्थानीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार और विस्थापितों के पुनर्वास में होना चाहिए.
पेसा, वनाधिकार और पांचवीं अनुसूची का हवाला
विधायक ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून, वनाधिकार कानून और संविधान की पांचवीं अनुसूची आदिवासी समुदायों तथा ग्रामसभा के अधिकारों की रक्षा करती है. खनिज और वन संसाधनों से जुड़े फैसलों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी को दरकिनार करना गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज आदिवासी समाज की पहचान और जीवन का आधार हैं.
केंद्र पर बिना पर्याप्त चर्चा के बिल पारित करने का आरोप
कोंगाड़ी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिना पर्याप्त चर्चा के बिल पारित किया है. उन्होंने केंद्र पर वृद्धावस्था पेंशन, मनरेगा, छात्रवृत्ति और जीएसटी सहित विभिन्न मदों की राशि रोकने का भी आरोप लगाया. उन्होंने इसे राज्य सरकार को परेशान करने की साजिश बताया.
व्यापक आंदोलन की चेतावनी
विधायक ने झारखंड के भाजपा नेताओं से राज्यहित में आवाज उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि खनिज कानून में संशोधन और केंद्र की नीतियों के विरोध में पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन किया जाएगा. प्रेस कांफ्रेंस में शमी आलम, रावेल लकड़ा, कौशल किशोर रोहिला, विपिन मिंज, इमरोज आलम समेत कई लोग मौजूद थे.
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