पिता के पास नहीं थे पैसे बचा नहीं पायी बेटे की जान

Updated at : 07 Feb 2017 8:39 AM (IST)
विज्ञापन
पिता के पास नहीं थे पैसे बचा नहीं पायी बेटे की जान

नहीं मिल सकी सहायता सिमडेगा : सलडेगा निवासी राजू मेहर अपने 10 वर्षीय पुत्र देव कुमार का बचा नहीं पाया. पिता की गरीबी और मजबूरी ने अपने बेटे को तड़प कर मरते देखा. राजू अपने बेटे के इलाज के लिए रांची के अस्पतालों का चक्कर काटता रहा, पर पैसे नहीं रहने के कारण एडमिट नहीं […]

विज्ञापन
नहीं मिल सकी सहायता
सिमडेगा : सलडेगा निवासी राजू मेहर अपने 10 वर्षीय पुत्र देव कुमार का बचा नहीं पाया. पिता की गरीबी और मजबूरी ने अपने बेटे को तड़प कर मरते देखा. राजू अपने बेटे के इलाज के लिए रांची के अस्पतालों का चक्कर काटता रहा, पर पैसे नहीं रहने के कारण एडमिट नहीं लिया गया. देव कुमार ने सिमडेगा सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया. मजबूर पिता बस पथरायी आंखों से उसे देखता रहा. देव कुमार सलडेगा राजकीय मध्य विद्यालय में पढ़ता था.
दो फरवरी को वह स्कूल से लौटा, तो सांस लेने में परेशानी होने की बात कही. इसके बाद पिता उसे लेकर सदर अस्पताल आये. सदर अस्पताल से उसे रिम्स रेफर कर दिया गया. राजू अपने बेटे को लेकर तीन फरवरी को रिम्स पहुंचा. रात को रिम्स में उसे एडमिट कर लिया गया, पर इलाज शुरू नहीं हो पाया. पूछने पर डॉक्टरों ने बताया कि सांस की बीमारी का इलाज रिम्स में नहीं हो सकता है. बाद में रिम्स से भी उसे रेफर कर दिया गया.
अब राजू अपने नन्हीं से जान को लेकर रानी अस्पताल पहुंचा. पर अस्पताल के कर्मियों ने पहले 15 हजार रुपये जमा करने के बाद इलाज शुरू करने की बात कही. राजू के पास पैसे नहीं थे. रांची में वह कई जगहों पर अपने बेटे को लेकर भटकता रहा. पर कहीं इलाज नहीं करा पाया. बाद में पांच फरवरी को उसे सिमडेगा ले जाकर वहीं सदर अस्पताल में भरती करा दिया.
यहां उसका इलाज संभव नहीं था. देव कुमार को मुंह से सांस दिया जा रहा था. हर संभव प्रयास करने के बाद भी राजू पैसे के अभाव में अपने बेटे को बचा नहीं पाया. वह सलडेगा में कमरा भाड़ा में लेकर यहां बाजार हाट करता था और अपने बच्चे को पढ़ाता था. सोमवार सुबह वह अपने पुत्र का शव लेकर अपने गांव क्रुशकेला गुईझरिया पहुंचा़ वहां अपने बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola