सिमडेगा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर कार्यशाला का आयोजन

Updated at : 12 Jul 2018 6:54 PM (IST)
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सिमडेगा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर कार्यशाला का आयोजन

सिमडेगा : प्रधानमंत्री फसल बीमा खरीफ 2018 को लेकर जिला सहकारिता विभाग, जिला कृषि विभाग और जिला सांख्यिकी विभाग के साथ एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी रांची के द्वारा संयुक्त रूप से बीमा कार्यशाला का आयोजन कृषि विभाग सभागार में किया गया. इंश्योरेंस कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर कल्याण सिकदर ने सभी विभागों के कर्मचारियों और पदाधिकारियों को […]

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सिमडेगा : प्रधानमंत्री फसल बीमा खरीफ 2018 को लेकर जिला सहकारिता विभाग, जिला कृषि विभाग और जिला सांख्यिकी विभाग के साथ एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी रांची के द्वारा संयुक्त रूप से बीमा कार्यशाला का आयोजन कृषि विभाग सभागार में किया गया.

इंश्योरेंस कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर कल्याण सिकदर ने सभी विभागों के कर्मचारियों और पदाधिकारियों को बीमा के प्रावधानों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पांच स्तरों में क्षतिपूर्ति के निर्धारण की व्यवस्था है.पहला – किसी ग्राम पंचायत में 75 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में 20 जुलाई से पहले बुवाई या रोपनी नहीं होने की स्थिति में, दूसरा – व्यापक आधार पर आयी प्राकृतिक विपदा के कारण, तीसरा – फसल की अवधि में प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में अनुमानित वास्तविक उपज थ्रेशहोल्ड उपज से 50 प्रतिशत से कम रहने की संभावना की स्थिति में.

चौथा – स्थानीय आपदाओं की स्थिति में खड़ी फसलों भूस्खलन, जलभराव और ओलावृष्टि से नुकसान की स्थिति में और पांचवां – फसल कटाई के उपरांत सूखने के लिए रखी गई फसलों में 14 दिनों के अंदर चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान की स्थिति में.

जिला सहकारिता पदाधिकारी अभिनव मिश्र ने कहा कि यह योजना पूरे फसल अवधि में प्रतिकूल मौसम से फसल को सुरक्षा प्रदान करती है. खरीफ के मौसम में धान की खेती किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन है. इसलिए बीमा के द्वारा किसान अपने इस आजीविका को बड़ी सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि इस योजना में ऋणी और गैर ऋणी कृषक अपने फसल के लिए बीमा करा सकते हैं. 31 जुलाई तक यह बीमा नजदी की लैम्प्स, कृषक मित्रों और बैंक के माध्यम से कराया जा सकता है. किसान अपने फसलों की क्षति की स्थिति में 48 घंटे के अंदर बीमा कंपनी, लैम्प्स, सहकारिता और कृषि विभाग में सूचित कर सकते हैं.

जिला कृषि पदाधिकारी अशोक चौधरी ने उपस्थित बीटीएम, एटीएम, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी और सहकारिता प्रसार पदाधिकारी सहित लैम्पस के अध्यक्ष और सचिवों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच बनाते हुए इस योजना से जोड़ने की बात कही.

कार्यक्रम में आत्मा के कार्यक्रम निदेशक कृष्ण बिहारी और सहकारिता के सहायक निबंधक रामनाथ मांझी ने भी अपने विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी कॉपरेटिव बैंक के प्रबंधक जयंत कुमार बीमा कंपनी के नोडल पदाधिकारी अभिषेक शास्त्री सहित जिले के सभी प्रखंडों से प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, लैम्प्स अध्यक्ष और सचिव शामिल हुए.

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